सनातन धर्म के लिए कार्य करने वाला होता है शंकराचार्य: अविमुक्तेश्वरानंद

Edited By Updated: 15 Feb, 2026 09:08 AM

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वाराणसी  (प.स.): स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य वही माना जाता है जो धर्म के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का पहला विशेषण सत्य है और जो सत्य बोले, गौ रक्षा करे तथा धर्म की रक्षा करे, वही उसका...

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 वाराणसी  (प.स.): स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य वही माना जाता है जो धर्म के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का पहला विशेषण सत्य है और जो सत्य बोले, गौ रक्षा करे तथा धर्म की रक्षा करे, वही उसका सच्चा अनुयायी है। 

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि हर कोई ‘शंकराचार्य’ की उपाधि का उपयोग नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा था कि शंकराचार्य सनातन धर्म का सर्वोच्च पद है और इसकी एक निर्धारित व्यवस्था है।

गौरतलब है कि हाल ही में प्रयागराज के माघ मेले के दौरान पुलिस ने मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन बताते हुए अविमुक्तेश्वरानंद को संगम तट जाने से रोक दिया था, जिसके बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में कहा कि कानून की नजर में सभी समान हैं और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

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