Edited By Niyati Bhandari,Updated: 21 Jun, 2026 02:43 AM

Vastu for Chhajja: घर की खिड़कियों और दरवाजों पर छज्जा बनवाते समय वास्तु नियमों का पालन करना जरूरी है। जानें उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम दिशा के लिए छज्जे के विशेष नियम।
Chhajja Vastu: भवन के बाहर की ओर खिड़की और दरवाजों को धूप और बारिश की बौछार से बचाने के लिए के छज्जे बनाये जाते हैं। सामान्यतः छज्जे हेंगिंग होते हैं जिनके ऊपर आना-जाना नहीं होता। छज्जे आमतौर पर 1-2 फीट के होते हैं, लेकिन मुख्य द्वार पर कई बार 3-4 फीट के छज्जे भी बनाए जाते हैं। छज्जे भवन की किसी भी दिशा में बनाए जा सकते हैं। छज्जे बनाने से भवन के वास्तु पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, क्योंकि इन्हें जमीन से कोई सपोर्ट नहीं होता है। इसी प्रकार भवन में बालकनी भी बनाई जाती हैं लेकिन बालकनी में आना-जाना हो सकता है। बालकनी बनाने से फ्लोर का एरिया बढ़ता है, इसके शुभ-अशुभ का प्रभाव निश्चित ही भवन के वास्तु पर पड़ता है।

भवन में छज्जा बनाते समय वास्तु के इन नियमों का पालन करना चाहिए-
छज्जा हेंगिंग होना चाहिए, इसके ऊपर आने-जाने के लिए एक्सेस नहीं होना चाहिए।
उत्तर या पूर्व दिशा में छज्जा बनाएं तो उसे जमीन से कॉलम का सपोर्ट बिल्कुल न दें। दक्षिण या पश्चिम दिशा में छज्जे को जमीन से कॉलम द्वारा सपोर्ट दिया जा सकता है।

आवश्यकतानुसार छज्जे आयताकार, गोल या त्रिकोणीय किसी भी प्रकार के बनाये जा सकते हैं।
घर बनवाते समय इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप न केवल अपने आशियाने को मौसम की मार से बचा सकते हैं, बल्कि वास्तु दोषों से भी मुक्त रख सकते हैं।