Edited By Prachi Sharma,Updated: 06 Jul, 2026 04:20 PM

Anaya Bangar : लड़के से लड़की बनने के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनाया बांगड़ अपनी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी शेयर करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने ट्रांसजेंडर बनने के दौरान सामना किए गए मुश्किल...
Anaya Bangar : लड़के से लड़की बनने के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनाया बांगड़ अपनी ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी शेयर करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने ट्रांसजेंडर बनने के दौरान सामना किए गए मुश्किल दौर और चुनौतियों पर खुलकर बात की। इस दौरान अनाया ने एक बेहद भावुक घटना का भी जिक्र किया, जब उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए जेंडर का सबूत देना पड़ा।
अनाया ने बताया कुछ महीने पहले वो थाईलैंड गई थीं, जहां उन्होंने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाई। इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें काफी शारीरिक और मानसिक दर्द से गुजरना पड़ा। यह उनके जीवन के बेहद भावुक पल था क्योंकि इस मुश्किल समय में उनके पिता संजय बांगड़ हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे। हालांकि, हाल ही में ट्रांसजेंडर पहचान से जुड़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें ट्रांस बिल एक्ट के तहत अपनी महिला पहचान साबित करनी पड़ी। इसके लिए मेडिकल बोर्ड के सामने डॉक्टरों की एक टीम के मक्ष उन्हें कपड़े उतारकर जांच करानी पड़ी। अनाया ने इस पूरे अनुभव को बेहद दर्दनाक और असहज बताते हुए खुलकर अपनी आपबीती साझा की।
इसके बाद अनाया ने बताया कि ट्रांसजेडर बिल एक्ट लागू के बाद क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए उन्हें एक सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होना पड़ा। वहां डॉक्टरों ने उनके पूरे शरीर की जांच के लिए कपड़े उतारने को कहा। उस समय कमरे में कई डॉक्टर मौजूद थे, जिनमें पुरुष डॉक्टर भी शामिल थे और यह अनुभव उनके लिए बेहद असहज और भावनात्मक रूप से कठिन रहा।
इसके बाद अनाया ने बताया कि मेडिकल जांच के दौरान उनका गायनेकोलॉजिकल एग्जामिनेशन भी किया गया। उस पूरे समय उनके मन में यही सवाल चलता रहा कि आखिर अपनी असली पहचान साबित करने के लिए उन्हें अपने शरीर की जांच क्यों करवानी पड़ रही है। सिर्फ सरकारी दस्तावेजों में अपनी वास्तविक पहचान दर्ज कराने के लिए इस तरह की प्रक्रिया से गुजरना उनके लिए बेहद असहज और मानसिक रूप से परेशान करने वाला अनुभव था। उन्होंने कहा कि उस पल उन्हें अपनी निजता भंग होती महसूस हुई और वह खुद को बेहद असुरक्षित व लाचार महसूस कर रही थीं।
इसी के साथ अनाया ने लिखा की-
मैं यह बात इसलिए बता रही हूँ क्योंकि बहुत से लोग नहीं जानते कि ऐसी कोई प्रक्रिया भी होती है या इसमें क्या-क्या शामिल हो सकता है। इसका मकसद किसी से अपनी बात मनवाना नहीं है। मैं बस अपना वह अनुभव साझा कर रही हूँ जो मुझे अपने कानूनी दस्तावेज़ अपडेट करवाते समय हुआ। कानून और नीतियाँ सिर्फ़ कागज़ों पर नहीं होतीं, वे असल लोगों की ज़िंदगी पर असर डालती हैं। मुझे उम्मीद है कि अपनी कहानी साझा करके हम गरिमा, निजता और कानूनी मान्यता पाने की कोशिश कर रहे ट्रांसजेंडर लोगों के अनुभवों के बारे में बेहतर समझ के साथ बातचीत कर पाएँगे। कैमरे पर इस बारे में बात करना मेरे लिए मुश्किल था।