Exclusive Interview: चुनरी-चुनरी को कई पीढ़ी के लिए नए अंदाज में पेश किया- आई. पी. सिंह

Edited By Updated: 04 Jun, 2026 10:25 AM

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इस गाने और फिल्म के बारे में आईपी सिंह और अक्षय ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 'है जवानी तो इश्क होना है' जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। डेविड धवन द्वारा निर्देशित यह फिल्म 5 जून को थिएटर्स में देखने को मिलेगी। इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फिल्म में 27 साल पुराने गाने चुनरी-चुनरी को रीक्रिएट भी किया गया। इस गाने को आईपी सिंह और अक्षय द्वारा कंपोज किया गया है। इस गाने और फिल्म के बारे में आईपी सिंह और अक्षय ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...


सवाल: चुनरी चुनरी पहले से ही एक बेहद लोकप्रिय और आइकॉनिक गाना है। इसे रीक्रिएट करते समय आपको किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

अक्षय: चुनौती से ज्यादा हमारे लिए यह एक रोमांचक प्रक्रिया थी। सच कहूं तो हमारा पूरा ध्यान इस बात पर था कि हम किस तरह उस नॉस्टैल्जिया को फिर से जगा सकते हैं और उसी भावनात्मक प्रभाव को दर्शकों तक पहुंचा सकते हैं। हमारी टीम के लिए यह सबसे जरूरी बात थी। जब भी हम किसी गाने को रीक्रिएट करते हैं तो कोशिश यही रहती है कि उसमें कुछ नए हिस्से जोड़े जाएं, क्योंकि हमें आज की ऑडियंस, खासकर युवाओं और नई पीढ़ी को भी ध्यान में रखना होता है। इसलिए हम मौजूदा दौर के म्यूजिक के हिसाब से एक नई आइडेंटिटी तैयार करते हैं और फिर उसी रास्ते से वापस ओरिजिनल मेलोडी और गाने की आत्मा तक पहुंचते हैं। हमारा यह एक सोच-समझकर लिया गया फैसला होता है कि गाने की आत्मा कहीं खो न जाए। यही हमने चुनरी चुनरी में भी किया। इस पूरे प्रोसेस को लेकर हम बहुत उत्साहित थे।


सवाल: आप दोनों ने साथ मिलकर कई गाने रीक्रिएट किए हैं। आखिर आपकी यह साझेदारी कब से चल रही है?

IP सिंह: अक्षय और मैं एक-दूसरे को करीब 18-19 साल से जानते हैं। हालांकि अक्षय एंड IP के रूप में हम लगभग छह-सात साल से साथ काम कर रहे हैं।

अक्षय: कमर्शियल तौर पर देखें तो पिछले तीन-चार सालों से हम फिल्मों के लिए लगातार साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले भी हम एक-दूसरे को समझते हुए और साथ मिलकर संगीत तैयार करते रहे हैं।


सवाल: आपने गोरियां कलाइयां, सोना कितना सोना है और अब चुनरी चुनरी जैसे कई पुराने गानों को नए अंदाज में पेश किया है। इस अनुभव को कैसे देखते हैं?

IP सिंह: धन्यवाद। चुनरी चुनरी से पहले हमने सोना कितना सोना है जैसे गानों पर भी काम किया है।

अक्षय: इसका श्रेय केवल हमें नहीं जाता। इसमें निर्माता और निर्देशक की भी बड़ी भूमिका होती है। अक्सर हमें उनकी तरफ से एक स्पष्ट ब्रीफ मिलता है। ऐसा नहीं होता कि हम खुद बैठकर तय करें कि आज किसी पुराने गाने को रीक्रिएट कर लेते हैं। जब निर्माता और निर्देशक हम पर भरोसा करके ऐसी जिम्मेदारी सौंपते हैं तो वह एक अलग ही एहसास होता है। साथ ही हमें अपने बचपन के पसंदीदा गानों पर काम करने का मौका मिलता है। इससे बेहतर और क्या हो सकता है?


सवाल: डेविड धवन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

IP सिंह: हमारे लिए यह अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा था। हमारा पूरा बचपन डेविड सर की फिल्में देखते हुए गुजरा है। उन्होंने हमें हंसाया, नचाया और कई भावनाएं महसूस कराईं। जब हमें पता चला कि हम उनकी फिल्म के लिए गाना बना रहे हैं तो यकीन ही नहीं हुआ। डेविड सर हर छोटी-बड़ी चीज में पूरी तरह शामिल रहते हैं। चाहे डेविड सर हों या टिप्स के रमेश जी और कुमार जी, ये सभी हमारे लिए वरिष्ठ और प्रेरणादायक लोग हैं। उनके साथ काम करना हमारे लिए बेहद सुखद अनुभव रहा।


सवाल: इस गाने के लिए आपको कैसे अप्रोच किया गया?

अक्षय: टिप्स के साथ हमारा काफी पुराना रिश्ता है। हमने उनके साथ कई फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में काम किया है। जब डेविड धवन जी और टिप्स इस फिल्म पर साथ काम कर रहे थे, तब टिप्स के माध्यम से हमारे पास इस गाने का ब्रीफ आया और वहीं से हमने इस पर काम शुरू किया।

सवाल: आज के दौर में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। म्यूजिक कंपोजिशन में AI को आप मददगार मानते हैं या चुनौती?

IP सिंह: मेरे हिसाब से AI भी एक टूल ही है। जब टेप रिकॉर्डिंग से डिजिटल रिकॉर्डिंग का दौर आया था तब भी लोगों को लगा था कि बहुत बड़ा बदलाव हो रहा है। अब डिजिटल से AI का दौर आ गया है। AI सिर्फ हमारी इंडस्ट्री में नहीं, बल्कि लगभग हर क्षेत्र में मौजूद है। इसलिए उससे डरने की बजाय उसे समझना और अपनाना ज्यादा जरूरी है। आखिरकार AI एक ऐसा माध्यम है जो हमारी मदद के लिए बनाया गया है। हमें खुद को अपस्किल करना होगा और समझना होगा कि इसका सही इस्तेमाल कैसे किया जाए। जो लोग AI को समझेंगे और उसके साथ काम करना सीखेंगे उनके लिए आगे का रास्ता आसान होगा।

सवाल: Gen Z ऑडियंस को ध्यान में रखते हुए किसी पुराने गाने को रीक्रिएट करते समय किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है?

अक्षय: सबसे बड़ी जिम्मेदारी ओरिजिनल गाने और उसके रचनाकारों के प्रति होती है। जब हम किसी पुराने गाने को नई पीढ़ी के सामने पेश करते हैं तो हम उन्हें उन यादगार धुनों से परिचित करा रहे होते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं। यह अपने आप में एक बड़ी बात है। साथ ही युवाओं को ध्यान में रखते हुए हमें साउंड पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। हर साल म्यूजिक का साउंड बदलता है। नए इलेक्ट्रॉनिक एलिमेंट्स, नई बीट्स और नई एनर्जी जुड़ती रहती है। इसलिए एक म्यूजिक डायरेक्टर के तौर पर हमें भी लगातार खुद को अपडेट करना पड़ता है। अगर यही गाना हम पांच साल पहले रीक्रिएट करते, तो शायद इसकी साउंडिंग बिल्कुल अलग होती। इसलिए ओरिजिनल गाने की आत्मा को बचाए रखते हुए उसे मौजूदा समय के अनुरूप ढालना बहुत जरूरी होता है।


सवाल: चुनरी चुनरी को कंपोज करते समय कोई खास किस्सा या यादगार पल?

IP सिंह: मुझे आज भी याद है कि जैसे ही हमें इस गाने का ब्रीफ मिला, मैं खुशी से अपनी कुर्सी से उछल पड़ा था। चुनरी चुनरी जैसे गाने पर काम करने का मौका मिलना अपने आप में बहुत बड़ी बात थी। हमारी सबसे बड़ी उत्सुकता इस बात को लेकर थी कि हम इसमें नए शब्द और नई धुनें कैसे जोड़ें ताकि वे पुराने गाने के साथ सहज रूप से जुड़ जाएं। खुशी की बात यह रही कि हमारे पास लगातार नए आइडियाज आते रहे और पूरी टीम को वे पसंद भी आते रहे। सबसे खास बात तब हुई जब वरुण ने खुद मुझे फोन करके कहा कि हमने गाने को एक नया और ताजा नजरिया दिया है। जब जिन लोगों के लिए आप काम कर रहे हों, उन्हें आपका काम दिल से पसंद आए, तो उससे बड़ी खुशी कोई नहीं होती।


सवाल: नए और उभरते हुए संगीतकारों और गायकों को आप क्या सलाह देना चाहेंगे?

अक्षय: नई चीजें लगातार ट्राई करते रहिए। अक्सर लोग किसी और की तरह सुनाई देने या मौजूदा ट्रेंड को कॉपी करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर आप उसी माहौल में कुछ नया और अलग लेकर आएंगे, तो आपकी पहचान जरूर बनेगी। अपने रास्ते पर टिके रहिए और अपनी मौलिकता को बनाए रखिए। आपकी ऑडियंस आपको खुद ढूंढ लेगी।

IP सिंह: मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि अपने काम और खुद से प्यार कीजिए। अपने अंदर की वह बच्चों जैसी उत्सुकता और उत्साह हमेशा जिंदा रखिए। ईमानदारी, प्यार और लगन के साथ संगीत बनाते रहिए। हर गाने की अपनी एक यात्रा होती है। अगर आप सच्चे मन से काम करेंगे तो आपका संगीत अपना रास्ता खुद बना लेगा।

सवाल: आने वाले समय में आप दोनों को किन प्रोजेक्ट्स में साथ देखने को मिलेगा?

IP सिंह: फिलहाल हम सभी प्रोजेक्ट्स के नाम नहीं बता सकते, लेकिन बहुत कुछ आने वाला है।

अक्षय: हम दोनों साथ मिलकर संगीत बनाते हैं और यह सफर लगातार चलता रहेगा। यह सिर्फ एक फिल्म या एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है।  आने वाले समय में दर्शकों को हमारी तरफ से बहुत सारा नया संगीत सुनने को मिलेगा।

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