Excluive Interview: धोखा, सत्ता और बाहुबल की जंग को नए स्तर पर ले जाएगा नया सीजन: निकितिन

Edited By Updated: 18 Jul, 2026 11:38 AM

raktanchal season 3 cast exclusive interview with punjab kesari

इस सीरीज के बारे में क्रांति प्रकाश झा, निकितिन धीर,विक्रम कोचर और राजेश शर्मा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। रक्तांचल सीजन 3 16 जुलाई 2026 को रिलीज हो चुका है और एक बार फिर पूर्वांचल की खूनी गैंगवार, सत्ता की राजनीति और बदले की कहानी को नए अंदाज़ में दर्शकों के सामने लेकर आया है। ऋतम श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी इस क्राइम-ड्रामा वेब सीरीज़ में क्रांति प्रकाश झा, निकितिन धीर, माही गिल, विक्रम कोचर, राजेश कुमार और करण पटेल जैसे दमदार कलाकार नजर आ रहे हैं। इस सीरीज के बारे में क्रांति प्रकाश झा, निकितिन धीर,विक्रम कोचर और राजेश शर्मा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

निकितिन धीर

सवाल: सबसे पहले आपका स्वागत है। लेकिन एक सवाल जो हमेशा दिमाग में आता है, आपका नाम ‘निकितिन’ है। अक्सर लोग ‘नितेश’ या ‘निकितेश’ बोल देते हैं। आखिर इसका मतलब क्या है?

निकितिन धीर: मेरा नाम निकितिन है। यह एक रूसी नाम है और इसका अर्थ होता है ‘विजेता’। अगर इसे हिंदी में कहें तो इसका मतलब ‘विजय’ होता है। इसलिए जब लोग नाम गलत बोलते हैं तो मैं उन्हें प्यार से सही नाम बता देता हूं।

सवाल: ‘रक्तांचल’ का तीसरा सीजन आ रहा है। इस बार दर्शकों को क्या नया देखने को मिलेगा?

निकितिन धीर: कहानी उसी दुनिया की है, लेकिन इस बार उसका पैमाना पहले से कहीं बड़ा है। इंटेंसिटी ज्यादा है, जोश ज्यादा है और एक्शन व हिंसा भी पहले से अधिक देखने को मिलेगी। हमने कोशिश की है कि दर्शकों को पहले दोनों सीजन से भी ज्यादा दमदार अनुभव मिले।

सवाल: आपके किरदार वसीम खान के लिए राजनीति ज्यादा महत्वपूर्ण है या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा?

निकितिन धीर: वसीम खान का सबसे बड़ा लक्ष्य सत्ता और अपना वर्चस्व कायम करना है। वह बचपन से ही सबसे बड़ा बाहुबली बनना चाहता था। अगर वह राजनीति में भी जाता है तो उसकी पहचान एक बाहुबली की ही रहती है। वह हर किसी को यह एहसास दिलाना चाहता है कि वह सबसे ताकतवर है। विजय सिंह और वसीम खान में यही सबसे बड़ा अंतर है। विजय सिंह परिस्थितियों के कारण बाहुबली बनता है, जबकि वसीम खान शुरू से उसी रास्ते पर चलना चाहता था। इस सीजन में उसका संघर्ष सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि यह भी है कि आखिर वह भरोसा किस पर करे, क्योंकि उसे बार-बार धोखा मिलता है। यही उसके किरदार को और दिलचस्प बनाता है।

सवाल: अगर आपकी निजी जिंदगी की बात करें तो क्या आप भी वसीम खान की तरह हैं?

निकितिन धीर: बिल्कुल नहीं। मैं अपने मन की बात सीधे मुंह पर कह देता हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई है कि जो दिल में होता है वही जुबान पर भी होता है। मुझे लगता है कि इससे रिश्ते सच्चे बनते हैं। और मैं पंजाबी हूं, इसलिए ज्यादा कूटनीति करना मेरे स्वभाव में नहीं है।

क्रांति प्रकाश झा
सवाल: इस तरह के एक्शन और हिंसक दृश्यों की शूटिंग करते समय कभी डर लगा कि कहीं सच में चोट न लग जाए?

क्रांति प्रकाश झा: नहीं, क्योंकि हम सब अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं। जब आप अपने किरदार के जज्बे में होते हैं तो डर पीछे छूट जाता है। इस बार मैंने अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा। शूटिंग के दौरान कई कठिन दृश्य थे, लेकिन पूरी टीम एक-दूसरे का ध्यान रखती थी। इसलिए कभी ऐसा नहीं लगा कि कोई स्थिति नियंत्रण से बाहर है। पूरी टीम ने इस सीजन के लिए बेहद मेहनत की है। हमारे निर्देशक विक्रम श्रीवास्तव, निर्माता अजय राजी, सिनेमैटोग्राफी टीम, असिस्टेंट डायरेक्टर्स और पूरी यूनिट ने दिन-रात मेहनत की है। पिछले सात वर्षों में हमें लगातार लोग पूछते रहे कि ‘रक्तांचल’ का अगला सीजन कब आएगा। अब आखिरकार 16 जुलाई को यह इंतजार खत्म होने वाला है। मुझे पूरा भरोसा है कि दर्शकों को यह सीजन बेहद पसंद आएगा।


सवाल: इस बार आपके किरदार ‘संकी पांडे’ में क्या बदलाव देखने को मिलेगा?

विक्रम कोचर: इस बार मेरा किरदार पहले दोनों सीजन की तुलना में और ज्यादा विकसित हुआ है। हमने पहले और दूसरे सीजन की खूबियों को मिलाकर इस किरदार को आगे बढ़ाया है। दर्शकों को इस बार उसका एक नया और ज्यादा मनोरंजक रूप देखने को मिलेगा।

सवाल: अगर कभी राजनीति में आने का मौका मिले तो आपका चुनावी एजेंडा क्या होगा?

प्रकाश झा: अगर कभी ऐसा मौका मिला तो मेरी कोशिश यही रहेगी कि मैं हमेशा लोगों से जुड़ा रहूं और उनके बीच रहकर काम करूं।

सवाल: इस सीजन की शूटिंग किन-किन जगहों पर हुई? शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?

प्रकाश झा: इस सीजन की ज्यादातर शूटिंग लखनऊ, वाराणसी और बाराबंकी में हुई। तीनों सीजन अलग-अलग मौसम में शूट हुए। पहला सीजन कड़ाके की ठंड में, दूसरा कोविड के दौरान भीषण गर्मी में और तीसरा फिर से सर्दियों में शूट किया गया। कई बार हमें रात तीन बजे निकलना पड़ता था ताकि सुबह चार या साढ़े चार बजे लोकेशन पर पहुंच सकें। मौसम बेहद कठिन था, लेकिन पूरी टीम ने शानदार काम किया।

राजेश शर्मा

सवाल: इस बार आप ‘रक्तांचल’ से जुड़े हैं। आपके लिए यह किरदार कैसे आया?

राजेश शर्मा: मैं हमेशा नए प्रयोग करने के लिए तैयार रहता हूं। बाद में मुझे पता चला कि निर्माता और निर्देशक ‘वीरेंद्र प्रताप’ के किरदार के लिए ऐसी ही व्यक्तित्व वाले अभिनेता की तलाश कर रहे थे। संयोग से मैं उस समय उपलब्ध था और बातचीत आगे बढ़ी। हालांकि मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पहले दो सीजन में जो दुनिया और किरदार स्थापित हो चुके थे, उनमें खुद को सहज तरीके से शामिल करना था। लेकिन पूरी टीम ने इतना सहयोग दिया कि यह काम आसान हो गया।

सवाल: निकितिन धीर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

राजेश शर्मा: हमारा पहला सीन था, जिसमें हम एक-दूसरे से गले मिलते हैं। ऐसे दृश्यों में दोनों कलाकारों को बराबर जगह देना बहुत जरूरी होता है। निकितिन ऐसे अभिनेता हैं, जो कभी अपने साथी कलाकार पर हावी होने की कोशिश नहीं करते। अगर किसी दृश्य में लगता है कि दूसरा कलाकार ज्यादा प्रभावी होना चाहिए, तो वे खुद पीछे हट जाते हैं ताकि दृश्य और बेहतर बन सके। यही वजह है कि ‘रक्तांचल’ सिर्फ कलाकारों का नहीं, बल्कि पूरी टीम की ऊर्जा और तालमेल का परिणाम है।

सवाल: नए कलाकारों के बीच काम करते समय किस कलाकार ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया?

राजेश शर्मा: मैं इसे प्रतिस्पर्धा नहीं कहूंगा, बल्कि एक-दूसरे के अभिनय को बेहतर बनाने की प्रक्रिया कहूंगा। निकितिन के साथ एक दृश्य में मैंने छोटा-सा इम्प्रोवाइजेशन किया। शॉट के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि क्लोज़-अप में भी बिल्कुल वही करना, क्योंकि उन्हें वह बहुत पसंद आया था। जब सामने वाला कलाकार आपके अच्छे काम की सराहना करे तो आत्मविश्वास बढ़ जाता है। ऐसे माहौल में काम करना हमेशा यादगार रहता है।

विक्रम कोचर

सवाल: आपने निकितिन धीर के साथ लंबे समय तक काम किया है। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

विक्रम कोचर: मेरे पहले और दूसरे सीजन में निकितिन भाई के साथ सबसे ज्यादा दृश्य थे। हमारे कद-काठी में काफी अंतर है, लेकिन उन्होंने कभी मुझे असहज महसूस नहीं होने दिया। वह एक बेहतरीन कलाकार होने के साथ-साथ बहुत अच्छे इंसान भी हैं। मुझे आज भी पहला दिन याद है, जब मेरा इंट्रोडक्शन वाला सीन शूट हो रहा था। मैंने अपने किरदार के हिसाब से एक छोटा-सा इम्प्रोवाइजेशन किया और उनकी बॉडी लैंग्वेज कॉपी करते हुए उनके सामने बैठ गया। उन्होंने मुझे रोका नहीं, बल्कि उस इम्प्रोवाइजेशन को स्वीकार किया। यही वजह है कि मेरा किरदार अलग बन पाया। ऐसे कलाकार बहुत कम मिलते हैं, जो अपने साथी कलाकार को खुलकर प्रदर्शन करने की जगह दें।

सवाल: आखिर में दर्शकों के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे?

राजेश शर्मा: बस इतना कहना चाहूंगा कि 16 जुलाई से ‘रक्तांचल सीजन 3’ जरूर देखिए। जिस तरह आपने पहले दोनों सीजन को प्यार दिया, उसी तरह इस बार भी अपना आशीर्वाद और प्यार बनाए रखिए।

विक्रम कोचर: यह एक शानदार शो है। इसमें मनोरंजन भी है, दमदार कहानी भी और बेहतरीन किरदार भी। हमें उम्मीद है कि दर्शकों को यह सीजन जरूर पसंद आएगा।

निकितिन धीर: इस बार ‘रक्तांचल’ पहले से ज्यादा बड़ा, ज्यादा विस्फोटक और ज्यादा मनोरंजक है। इसे जरूर देखिए। हमें पूरा विश्वास है कि आपको यह सीजन बेहद पसंद आएगा।

 

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