'लॉक अप: सच या सज़ा' ने रचा नया रिकॉर्ड, महज 3 हफ्तों में 50 मिलियन व्यूइंग आवर्स पार

Edited By Updated: 27 Jul, 2026 02:23 PM

ekta kapoor lock upp sach ya sazaa sets new streaming record on netflix

नेटफ्लिक्स का चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सज़ा' लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहा है। शो ने रिलीज के महज तीन सप्ताह के भीतर 50 मिलियन से अधिक व्यूइंग आवर्स हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नेटफ्लिक्स का चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सज़ा' लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रहा है। शो ने रिलीज के महज तीन सप्ताह के भीतर 50 मिलियन से अधिक व्यूइंग आवर्स हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। दर्शकों से मिले जबरदस्त प्यार को देखते हुए अब नेटफ्लिक्स ने शो को ग्रैंड फिनाले तक सप्ताह के सातों दिन प्रसारित करने का फैसला किया है। पहले यह शो सप्ताह में पांच दिन आता था, लेकिन लोकप्रियता बढ़ने के बाद इसे पहले छह दिन और अब सातों दिन स्ट्रीम किया जाएगा।

दर्शकों के बीच बना सबसे चर्चित रियलिटी शो
'लॉक अप: सच या सज़ा' ने अपनी शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान खींचा। रियलिटी शो के अनोखे फॉर्मेट, हाई-वोल्टेज ड्रामा और प्रतियोगियों के निजी खुलासों ने इसे सोशल मीडिया से लेकर आम बातचीत तक का हिस्सा बना दिया। हर शुक्रवार दर्शकों के बीच यह सवाल आम हो गया था कि आज 'लॉक अप' में क्या नया देखने को मिलेगा। यही वजह है कि शो धीरे-धीरे सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक चर्चा का विषय बन गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए शो के कई पल
नेटफ्लिक्स और बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड के इस शो ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी जबरदस्त सफलता हासिल की है। शो से जुड़े कई डायलॉग, मीम्स और वायरल क्लिप्स सोशल मीडिया पर लगातार ट्रेंड करते रहे। "Premium Thali", राम कपूर का "Can I get water?", शिल्पा शिंदे का "Down your finger", हर्षद चोपड़ा का "Pookie Chopda" से "Spooky Chopda" तक का सफर और पामेला सेरेना का "Tu bada 21 saal ki hai" जैसे कई पल इंटरनेट पर पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। शो के टाइटल ट्रैक और चर्चित डायलॉग्स ने भी दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।

नेटफ्लिक्स इंडिया ने बताई सफलता की वजह
नेटफ्लिक्स इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट (कंटेंट) मोनिका शेरगिल ने शो की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई शो उन विषयों पर खुलकर बातचीत शुरू कर दे जिन पर लोग सामान्यतः बात करने से हिचकते हैं, तब उसकी असली सफलता साबित होती है। उनके मुताबिक 'लॉक अप: सच या सज़ा' सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि ऐसा मंच बन गया है जिसने सोशल मीडिया पर अब तक 2.5 बिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल किए हैं।

 

 

 

 

 

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उन्होंने बताया कि यह शो केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक यात्रा भी है, जहां प्रतिभागी अपने डर, दर्द और जीवन के अनुभवों का सामना करते हैं। मोनिका ने कहा कि महज तीन हफ्तों में 50 मिलियन व्यूइंग आवर्स का आंकड़ा पार करना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय नॉन-फिक्शन कंटेंट अब दुनिया के कई देशों में पसंद किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शो को 12 देशों के दर्शकों ने देखा है, जो भारतीय फॉर्मेट के लिए बड़ी उपलब्धि है।

एकता कपूर ने नेटफ्लिक्स के साथ साझेदारी को बताया खास
शो की निर्माता एकता कपूर ने कहा कि 'लॉक अप' जैसे बड़े और चुनौतीपूर्ण फॉर्मेट के लिए नेटफ्लिक्स से बेहतर साझेदार मिलना मुश्किल था। उनके अनुसार नेटफ्लिक्स की पूरी टीम ने इस प्रोजेक्ट को केवल एक शो नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी की तरह लिया।

एकता ने कहा कि दोनों टीमों का उद्देश्य ऐसा कंटेंट तैयार करना था जो केवल मनोरंजन न करे, बल्कि लोगों को सोचने पर मजबूर करे और सामाजिक बातचीत को नई दिशा दे। उन्होंने खुशी जताई कि भारत में तैयार हुआ यह फॉर्मेट अब दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंच चुका है और वहां भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

रितेश देशमुख और फराह खान की जोड़ी बनी शो की बड़ी ताकत
'लॉक अप: सच या सज़ा' की सबसे बड़ी खासियतों में से एक इसकी होस्टिंग भी रही। शो में जेलर की भूमिका निभा रहे रितेश देशमुख और फराह खान की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। दोनों की अलग-अलग शैली, हास्य, अनुशासन और प्रतिभागियों के साथ उनका व्यवहार शो को एक अलग पहचान देता है।

दर्शकों का मानना है कि दोनों ने प्रतियोगियों के भावनात्मक सफर को संतुलित तरीके से पेश किया, जिससे शो केवल विवादों तक सीमित नहीं रहा बल्कि इंसानी रिश्तों और बदलाव की कहानी भी बन गया।

फराह खान बोलीं- यह मेरे करियर का यादगार अनुभव
फराह खान ने कहा कि वह हमेशा से रियलिटी शोज़ की बड़ी प्रशंसक रही हैं, लेकिन 'लॉक अप: सच या सज़ा' उनके लिए सबसे अलग अनुभव साबित हुआ। उन्होंने बताया कि जहां भी वह जाती हैं, लोग उनसे शो के बारे में बात करते हैं। इंडस्ट्री के साथी कलाकार हों, एयरपोर्ट पर मिलने वाले लोग या आम दर्शक हर कोई शो को लेकर उत्साहित नजर आता है।

उन्होंने कहा कि शो में प्रतियोगियों के व्यक्तिगत संघर्ष, रिश्ते और भावनात्मक सफर को बेहद करीब से देखने का मौका मिला। उनके मुताबिक 'लॉक अप' सिर्फ टकराव की कहानी नहीं है, बल्कि आत्म-परिवर्तन और खुद को पहचानने की यात्रा भी है।

रितेश देशमुख ने दर्शकों का जताया आभार
रितेश देशमुख ने कहा कि दर्शकों का प्यार और समर्थन इस शो की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि 50 मिलियन व्यूइंग आवर्स का आंकड़ा इस बात का संकेत है कि लोग शो और उसके प्रतिभागियों से भावनात्मक रूप से जुड़ चुके हैं।

रितेश ने बताया कि इस सफर ने उन्हें भी यह सिखाया कि हर व्यक्ति की एक अनदेखी कहानी होती है। कई बार कठिन परिस्थितियां इंसान की असली ताकत सामने लाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगियों को अपने डर और दर्द के बारे में खुलकर बात करते देखना उनके लिए बेहद भावुक अनुभव रहा। साथ ही उन्होंने नेटफ्लिक्स और बालाजी टेलीफिल्म्स की पूरी टीम को ऐसा प्रभावशाली और अलग फॉर्मेट तैयार करने के लिए बधाई दी।

फिनाले तक बढ़ेगा रोमांच
नेटफ्लिक्स ने दर्शकों की जबरदस्त मांग को देखते हुए अब 'लॉक अप: सच या सज़ा' को ग्रैंड फिनाले तक सप्ताह के सातों दिन स्ट्रीम करने का फैसला लिया है। लगातार बढ़ती लोकप्रियता और रिकॉर्डतोड़ व्यूअरशिप को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले एपिसोड्स में शो का रोमांच और भी बढ़ने वाला है। अब प्रतियोगिता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जहां हर दिन नए ट्विस्ट, खुलासे और भावनात्मक मोड़ दर्शकों का इंतजार कर रहे हैं।

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