Edited By Prachi Sharma,Updated: 18 Aug, 2026 12:28 PM
Esha Koppikar Statement : काफी दिनों से एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। देश के प्रधानमंत्री मोदी का साथ देने की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। अब हाल ही में फिर से उन्होंने सोशल मीडिया पर...
Esha Koppikar Statement : काफी दिनों से एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। देश के प्रधानमंत्री मोदी का साथ देने की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। अब हाल ही में फिर से उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए अपने दिल की बात और कहा कि यदि अंधभक्त होना गलत है तो मैं गलत ही ठीक हूं। भारत को प्यार करना यदि आपको अंधभक्ति लगता है तो ये ही सही।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में, 'कांटे' फिल्म की एक्ट्रेस ने देशभक्ति, राष्ट्रवाद और देश के लिए योगदान देने के महत्व के बारे में बात की। ईशा ने साफ किया कि उनकी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के प्रति नहीं, बल्कि अपने देश के प्रति है।
मुझे अंधभक्त होने पर गर्व है
उन्होंने कहा, "अगर अपने देश से प्यार करना, भारत में विश्वास करना और उसकी तरक्की चाहना भक्ति है, तो हां, मुझे भक्त होने, अंधभक्त होने पर गर्व है। लेकिन मेरी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अपने देश, अपने भारत के लिए है। राष्ट्र सर्वोपरि है। आप कहीं भी रहें, उस जगह से प्यार करना सीखें, उस जगह का सम्मान करें और उसमें योगदान दें।"
ईशा ने आगे इस बात पर जोर दिया कि देशभक्ति सिर्फ़ अपने देश के प्रति प्यार जाहिरकरने से कहीं ज्यादा है। एक्ट्रेस के अनुसार, लोगों को उस जगह का सम्मान करना चाहिए जिसे वे अपना घर कहते हैं और उसे बेहतर बनाने में योगदान देना चाहिए। आप जो घर चुनते हैं, उस पर गर्व करें क्योंकि देशभक्ति सिर्फ यह कहना नहीं है कि 'मैं अपने देश से प्यार करता हूं। यह कुछ ऐसा करना है जिससे आपका देश बेहतर बने।
उन्होंने आगे कहा, "देखिए, दो तरह के बच्चे होते हैं। एक, जो जिंदगी भर यह गिनते रहते हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें क्या नहीं दिया और क्या दिया। और दूसरे, उन्हें जो कुछ भी मिलता है, वे उसे न सिर्फ अपना, बल्कि अपने माता-पिता का जीवन भी बनाते हैं। फर्क सिर्फ हालात का नहीं, सोच का होता है। तो क्यों न हम भी अपनी सोच बदलें ? हर समय यह पूछने के बजाय कि देश ने हमें क्या दिया है, क्यों न हम इस बारे में सोचें कि हम देश को क्या दे सकते हैं, देश के लिए क्या कर सकते हैं क्योंकि भारत बदल रहा है, दोस्त। अब हमारी सोच बदलने और एक नया भारत बनाने का हिस्सा बनने का समय आ गया है। तो, मुझे भक्त कहो, मुझे अंधभक्त कहो, मुझे राष्ट्रवादी कहो।" उन्होंने भारतीय होने पर गर्व जताते हुए अपना संदेश खत्म किया। मुझे अपने भारत से प्यार है। मुझे अपने भारत पर भरोसा है। आंख बंद करके नहीं, बल्कि गर्व, जोश और बिना किसी झिझक के। जय हिंद।
ईशा कोप्पिकर ने लिखा कि- अगर भारत से प्यार करना अंधभक्ति है, तो मैं गर्व से यह लेबल अपनाऊंगी। क्योंकि मैं गलत लगने वाली चीजों पर सवाल उठा सकती हूं, सही लगने वाली चीज़ों की तारीफ कर सकती हूं, और फिर भी अपने देश को सबसे ऊपर रख सकती हूं।
अगर भारत से प्यार करना 'अंधभक्ति' है, तो मैं गर्व से यह लेबल अपनाउंगी क्योंकि जो गलत लगता है उस पर मैं सवाल उठा सकती हूं, जो सही लगता है उसकी तारीफ कर सकती हूं और फिर भी अपने देश को सबसे ऊपर रख सकती हूं ।