Edited By Prachi Sharma,Updated: 06 Aug, 2026 06:56 PM

Susmita Mukherjee Emotional Story : बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे कई कलाकारों ने ऐसे संघर्ष झेले हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। किंग अंकल, खलनायक और गोलमाल रिटर्न्स और दोस्ताना जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय कर चुकी वरिष्ठ अभिनेत्री सुष्मिता...
Susmita Mukherjee Emotional Story : बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे कई कलाकारों ने ऐसे संघर्ष झेले हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। किंग अंकल, खलनायक और गोलमाल रिटर्न्स और दोस्ताना जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय कर चुकी वरिष्ठ अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया, जब 1 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने की मजबूरी उन्हें सी-ग्रेड और महिलाओं को आपत्तिजनक तरीके से पेश करने वाली फिल्मों में काम स्वीकार करना पड़ा। अभिनेत्री ने कहा की वह फैसला उनकी इच्छा का नहीं, बल्कि हालत की मजबूरी थी।
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर छलका दर्द
किंग अंकल में शाहरुख़ खान के साथ काम कर चुकीं अनुभवी अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा कर अपने जीवन के सबसे कठिन समय को याद किया। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस अपने इस वीडियो में उन्होंने बताया कि जब लोग उनसे यह सवाल पूछते थे कि उन्होंने अपने करियर में सी-ग्रेड और कमजोर स्तर की फिल्में क्यों कीं, तो यह बात उन्हें अंदर तक आहत कर देती थी। एक्ट्रेस के कबूला की आर्थिक संकट और पैसों की जरुरत के कारण उन्हें ऐसी फिल्मों में काम करना पड़ा, जिनका विषय उन्हें पसंद नहीं और जिनमें महिलाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनकी पसंद नहीं था बल्कि परिस्थितियों की मजबूरी थी।
इसके बाद उन्होंने कहा- "क्या मैंने अपनी आत्मा बेची ? हां, मैंने अपनी आत्मा बेची. मुझे तब भी अच्छा नहीं लगा था और आज भी उन फिल्मों को देखकर गर्व महसूस नहीं होता, लेकिन वो मेरी मजबूरी थी।
दरवाजे पर रिकवरी वाले आके देते थे गालियां
इसके बाद उन्होंने अपना बुरा समय याद करते हुए बताया की मेरी और मेरे पति की कंपनी कर्जे में डूब चुकी थी और हमारे ऊपर 1 करोड़ का कर्जा था। इस दौरान हमारे घर रिकवरी वाले आते थे और बहुत ज्यादा गालियां देते थे। यह देखकर मुझे बहुत दुःख लगता था और मेरे बच्चे भी उस समय बहुत छोटे थे। अपने परिवार को इस परेशानी से निकालने के लिए मुझे ये फैसला लेना पड़ा। मैं मानती हूं , मैंने गलत किया लेकिन उस समय मेरी बहुत मजबूरियां थीं। मैंने और मेरे पति ने मेहनत कर के 3-4 सालों में कर्जे को उतार दिया।
हमेशा मिडल क्लास की तरह बिताया जीवन
इसके बाद उन्होंने बताया कि कर्जा तो उतर गया लेकिन मैं चाहती थी मेरे बच्चे विदेश में जाकर पढ़ाई करें लेकिन उनके पति इस बात से सहमत नहीं थे। अपनी मेहनत के बलबूते पर उन्होंने अपनी बेटी को विदेश पढ़ने के लिए भेजा। बहुत ज्यादा खर्चा होने की वजह से उन्होंने हमेशा मिडल क्लास लोगों की तरह ही जीवन बिताया है। उन्होंने कहा- हम एक्टर है लेकिन काम मिलेगा या नहीं यह हमारे ऊपर नहीं है। कभी-कभी पैसा कमाने के लिए हमे कुछ ऐसे काम करने पड़ते हैं, जो हम नहीं चाहते हैं।
अच्छा काम करने के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ
इसी के साथ उन्होंने कहा की यह सोचकर मेरा मन बहुत उदास होता है कि मैंने अपनी लाइफ में इतनी अच्छी फिल्में की लेकिन किसी ने उनकी सराहना नहीं की लेकिन मेरी कुछ गलत फिल्मों की वजह से मुझे आज-तक सुनना पड़ता है।