Exclusive Interview: मुझे हमेशा अलग तरह की कहानियां और नए निर्देशक आकर्षित करते हैं - सैफ अली खान

Edited By Updated: 14 May, 2026 11:11 AM

kartavya starcast exclusive interview with punjab kesari

इस फिल्म के बारे में  सैफ अली खान, रसिका दुग्गल, मनीष चौधरी नजर और रुचिका कपूर ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नेटफ्लिक्स की अपकमिंग फिल्म ‘कर्तव्य’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह है। फिल्म में सैफ अली खान, रसिका दुग्गल, मनीष चौधरी नजर आने वाले हैं। फिल्म 15 मई को रिलीज होगी। फिल्म मैं सैफ अली खान एक पुलिस अफसर का किरदार अदा कर रहे हैं। फिल्म में सैफ 'कर्तव्य' और 'परिवार' के बीच बुरी तरह फंसे नजर आते हैं। इस फिल्म के बारे में  सैफ अली खान, रसिका दुग्गल, मनीष चौधरी नजर और रुचिका कपूर ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...


सैफ अली खान
सवाल: लोगों को आपके लोकल और रूटेड किरदार काफी पसंद आ रहे हैं। क्या आपको पहले से इसका अंदाजा था?

जवाब: नहीं, सच कहूं तो मुझे इसका अंदाजा नहीं था। शायद मुझे दर्शकों की पसंद पर थोड़ा और ध्यान देना चाहिए था, लेकिन मैंने हमेशा वही फिल्में चुनीं जो मुझे दिलचस्प लगीं। ‘कर्तव्य’ की कहानी मुझे इसलिए पसंद आई क्योंकि यह सिर्फ एक हीरो की कहानी नहीं है। यह उस इंसान की कहानी है जिस पर अलग-अलग तरह के दबाव डाले जाते हैं और फिर देखा जाता है कि वह उन परिस्थितियों में क्या फैसला लेता है।

इस फिल्म में सबसे अहम चीज उसका परिवार है, जिसे वह बचाना चाहता है। जब रसिका इस फिल्म का हिस्सा बनीं, तो फिल्म की इमोशनल गहराई और बढ़ गई। उनके साथ वाले सीन फिल्म का दिल बन गए। मुझे पुलकित की कहानी कहने का तरीका बहुत पसंद आया। वह पहले किरदार की दुनिया को स्थापित करते हैं उसका घर, काम, परिवार और फिर धीरे-धीरे तनाव बढ़ता है। यही अच्छी कहानी की पहचान होती है।

सवाल: आपने कई नए निर्देशकों के साथ काम किया है। क्या आप हमेशा कुछ नया तलाशते रहते हैं?

जवाब: बिल्कुल। मुझे हमेशा अलग तरह की कहानियां और नए निर्देशक आकर्षित करते हैं। जब कोई निर्देशक अपने संसार और किरदारों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होता है, तो उसके साथ काम करना बहुत आसान हो जाता है। पुलकित जिस माहौल और दुनिया को दिखाना चाहते थे, उसमें वह पूरी तरह सहज थे। मेरे लिए वह दुनिया थोड़ी अलग थी, क्योंकि मुझे एक नया डायलैक्ट और नया एटमॉस्फियर अपनाना पड़ा। लेकिन सेट का माहौल इतना वास्तविक और सहज था कि मैं खुद भी उस दुनिया का हिस्सा बन गया।

सवाल: ‘सलाम नमस्ते’ लोगों की फेवरेट फिल्मों में शामिल है। क्या आपने कभी सोचा कि फिल्म के बाद निक और एम्बर की जिंदगी कैसी रही होगी?

जवाब: नहीं, मैंने कभी इस बारे में नहीं सोचा। अगर मैं ऐसा सोचने लगूं, तो शायद मैं पूरी तरह पागल हो जाऊंगा। लेकिन हां, ‘सलाम नमस्ते’ की शूटिंग मेरे लिए बेहद खास थी। वहां पूरा एक परिवार जैसा माहौल बन गया था। उस दौर में फिल्मों की शूटिंग एक खूबसूरत सफर जैसी होती थी।

रसिका दुग्गल

सवाल: ट्रेलर में आपका किरदार काफी रहस्यमयी लगा। वह एक पारंपरिक गृहिणी नजर आती हैं, लेकिन क्या उनके किरदार में और भी शेड्स हैं?

जवाब: मुझे लगता है कि ट्रेलर बहुत खूबसूरती से कट किया गया है क्योंकि उसमें किरदार की पूरी परतें सामने नहीं आतीं। ऊपर से देखने पर ऐसा लगता है कि वह एक पारंपरिक महिला है, जो सामाजिक सीमाओं के भीतर रह रही है। लेकिन असल में वह उसी दायरे में अपनी जगह और अपनी ताकत तलाशती है। उनके और सैफ के किरदार के बीच एक बहुत प्यारी पार्टनरशिप है। उनके रिश्ते में प्लेफुलनेस है, अपनापन है और एक समझदारी है। वह सीधे तौर पर फैसले नहीं लेतीं, लेकिन अपने तरीके से चीजों को प्रभावित करती हैं। मुझे यह रिश्ता बहुत स्वीट और रियल लगा। फिल्म के शांत और इमोशनल मोमेंट्स ही मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहे थे। जब मैंने निर्देशक पुलकित से बात की, तो मुझे महसूस हुआ कि वह भी इन्हीं भावनात्मक पलों को सबसे ज्यादा अहमियत देते हैं। मुझे लगता है कि दर्शक इस रिश्ते से खुद को जोड़ पाएंगे।

मनीष चौधरी
सवाल: ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड के बाद आपको एक नई जनरेशन ने खोजा। इस अनुभव को कैसे देखते हैं?

जवाब: सच कहूं तो यह मेरे लिए बहुत दिलचस्प अनुभव था। ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के बाद अचानक एक नई ऑडियंस मुझे पहचानने लगी। खासकर जेन Z, जिन्होंने शायद मेरा पुराना काम नहीं देखा था। पहले लोग मुझे ‘रॉकेट सिंह’ या दूसरी फिल्मों से जानते थे, लेकिन इस शो के बाद युवा दर्शक सोशल मीडिया पर मुझसे जुड़ने लगे। कई शो में बुलाया गया, डांस करने के लिए कहा गया। मेरे साथ ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। मैंने सोचा कि काश यह सब मेरे 30s में हुआ होता, लेकिन फिर लगा कि देर से ही सही लोग अब भी आपके काम को खोज रहे हैं, यह बहुत बड़ी बात है।

सवाल: आप दोनों ने पहले भी साथ काम किया है। क्या उस अनुभव की कोई खास याद है?

सैफ अली खान: हमने फिल्म ‘बाजार’ में साथ काम किया था। उसमें हमारा एक लंबा सीन था जो लोगों को काफी पसंद आया।

मनीष चौधरी: उस सीन में सैफ लगातार लगभग चार मिनट तक डायलॉग बोल रहे थे और मैं बस उन्हें देख रहा था। वह सीन बाद में काफी वायरल हुआ। सैफ बेहद शानदार अभिनेता हैं और उनके साथ काम करना हमेशा आसान लगता है।


रुचिका कपूर
सवाल: कोई भी कहानी चुनने से पहले ऐसी क्या 3 पैरामीटर आप देखती है ?

रुचिका कपूर: सबसे पहली चीज होती है निर्देशक का विश्वास। फिल्में निर्देशक का माध्यम होती हैं, इसलिए यह जरूरी है कि वह अपनी कहानी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो। आज दर्शक ग्लोबल कंटेंट देखते हैं, इसलिए सिर्फ किसी दूसरे शो या फिल्म का मिश्रण बनाकर काम नहीं चलता। हमें ऐसे क्रिएटर्स चाहिए जो अपनी सच्ची और निजी भावनाओं से कहानी कहना चाहते हों। मुझे ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद हैं जो फॉर्मूला तोड़ना चाहते हैं। जो रिस्क लेने से नहीं डरते। ओटीटी प्लेटफॉर्म की खूबसूरती यही है कि यहां सीमाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।


सवाल: नेटफ्लिक्स नए निर्देशकों को मौका देते समय सबसे ज्यादा क्या देखता है?
जवाब:
हम सबसे पहले निर्देशक की ईमानदारी और उसकी कहानी कहने की सोच देखते हैं। हमारे लिए यह जरूरी होता है कि फिल्ममेकर अपनी कहानी दिल से कहना चाहता हो, सिर्फ ट्रेंड या फॉर्मूला फॉलो करने के लिए नहीं। जब हमने खो गए हम कहां पर काम किया तो उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी सच्चाई थी। वही बात सेक्टर 36 में भी देखने को मिली जो काफी अलग और रिस्की विषय पर बनी फिल्म थी। मेरा मानना है कि कला सिर्फ मनोरंजन नहीं करती बल्कि कई बार आपको सोचने और असहज होने पर भी मजबूर करती है।

आज दर्शक भी नई और अलग कहानियों को पसंद कर रहे हैं। Accused का 72 देशों में ट्रेंड करना हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। इससे यह भरोसा मिला कि अगर कहानी ईमानदारी से कही जाए, तो वह दुनिया भर के लोगों से जुड़ सकती है। हमारा प्रयास आगे भी नए टैलेंट और नई आवाज़ों को मंच देने का रहेगा।

सवाल: जब कोई कठिन सीन फिल्म में सामने आता है, तो क्या आप लोग नर्वस हो जाते हैं?

मनीष चौधरी: मैं हमेशा अपने काम को लेकर चिंतित रहता हूं। मैं मॉनिटर तक नहीं देखता क्योंकि मुझे हमेशा लगता है कि पता नहीं सीन कैसा बना होगा। यहां तक कि कई बार मैं अपना काम रिलीज के बाद भी नहीं देखता।

रसिका दुग्गल: मैं भी काफी नर्वस रहती हूं। इस फिल्म में एक टेरेस वाला सीन था, जो मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि वही फिल्म का टर्निंग पॉइंट है। लेकिन जब वह शूट हुआ, तो मुझे लगा कि वह काफी अच्छा निकला।

सैफ अली खान: कभी-कभी आपको लगता है कि कोई सीन बहुत शानदार बनेगा, लेकिन वह काम नहीं करता। और कई बार ऐसा सीन जादू कर जाता है जिससे उम्मीद नहीं होती। यही इस पेशे की खूबसूरती है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!