Edited By Manisha,Updated: 29 Apr, 2026 11:46 AM
फिल्म एक दिन के बारें में आमिर खान ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आमिर खान के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी इन दिनों अपनी फिल्म एक दिन को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।सुनील पांडे के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसे आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। यह कहानी 2016 की थाई फिल्म ‘One Day’ का हिंदी रीमेक है, जिसमें एक शर्मीला युवक अपनी ऑफिस की सहकर्मी से प्यार कर बैठता है, लेकिन अपने दिल की बात खुलकर कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। यह फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। फिल्म के बारें में आमिर खान ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
सवाल: फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर दर्शक क्या उम्मीद करें?
जवाब: एक दिन एक बहुत ही सरल, मासूम और सच्ची प्रेम कहानी है। आज के समय में फिल्मों में काफी aggression देखने को मिलता है, यहां तक कि प्यार में भी। लेकिन यह फिल्म उस पुराने दौर की तरह है जब प्यार बहुत साफ, सरल और भावनात्मक होता था।
इस कहानी में एक लड़का है जो बहुत शर्मीला है, अपने आप पर भरोसा नहीं करता और अकेला रहता है। उसकी कोई दोस्ती भी नहीं है। वह एक लड़की से बहुत प्यार करता है, लेकिन कभी अपने दिल की बात कह नहीं पाता। वह अंदर ही अंदर उसे चाहता रहता है, लेकिन अपने भाव व्यक्त नहीं कर पाता।
फिर कहानी में एक ऐसा मोड़ आता है जब उसे एक दिन उस लड़की के साथ समय बिताने का मौका मिलता है। उसी दिन लड़की को भी उससे प्यार हो जाता है। लड़के ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होता कि वह लड़की उसे पसंद करेगी। यही इस फिल्म की मुख्य भावना है।
सवाल : इस फिल्म की कहानी आपको कैसे मिली और आपने कास्टिंग कैसे की?
जवाब: जब मैंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट सुनी, तो मुझे यह बहुत पसंद आई। यह कहानी बहुत दिल को छू लेने वाली थी, इसलिए मैंने तय किया कि हमें यह फिल्म बनानी चाहिए। इसके बाद हमने कास्टिंग शुरू की। मुझे लगा कि जुनैद इस रोल के लिए बिल्कुल सही हैं। हालांकि, मैं उन्हें हमेशा सीधे सुझाव नहीं देता क्योंकि वह अपनी राय खुद बनाते हैं। लेकिन जब उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी, तो उन्हें भी कहानी पसंद आई और उन्होंने फिल्म करने का फैसला किया। लड़की के किरदार के लिए हमने साई पल्लवी को चुना, जो साउथ की बहुत सफल और बेहतरीन अभिनेत्री हैं। मेरे अनुसार, वह आज देश की सबसे अच्छी एक्ट्रेस हैं।
उनका किरदार बहुत कठिन है क्योंकि कहानी में लड़की को एक ही दिन में किसी लड़के से प्यार हो जाता है। उसका इमोशनल ग्राफ बहुत तेजी से बदलता है। दर्शकों को यह महसूस होना चाहिए कि वह सच में प्यार में पड़ रही है। इसके लिए बहुत मजबूत अभिनय की जरूरत थी और उन्होंने यह बहुत शानदार तरीके से किया है।
सवाल : क्या आपको लगता है कि दर्शक कहानी का अंदाजा ट्रेलर से लगा लेंगे?
जवाब: आजकल लोग ट्रेलर देखकर अपनी खुद की कहानी बना लेते हैं और कई बार फिल्म को लेकर अनुमान भी लगा लेते हैं। लोग तुलना भी करने लगते हैं कि यह कहानी किसी और फिल्म जैसी है या नहीं। लेकिन ‘एक दिन’ की कहानी अलग है। इसका मुख्य हिस्सा एक बहुत ही खास विचार पर आधारित है, जो हमने ट्रेलर में भी थोड़ा दिखाया है।
सवाल : आप इस तरह की सरल लव स्टोरी क्यों बनाना चाहते थे?
जवाब: मुझे यह कहानी बहुत मासूम और सच्ची लगी। आजकल फिल्मों में बहुत जटिल और तेज़-तर्रार कहानियां होती हैं, लेकिन ऐसी सरल प्रेम कहानियां बहुत कम बनती हैं। मुझे लगा कि यह फिल्म एक तरह से दर्शकों के लिए palate cleanser जैसी होगी, यानी बाकी भारी फिल्मों के बीच एक हल्की, सच्ची और भावनात्मक कहानी।
सवाल : क्या आपको लगता है कि आज के समय में ऐसी फिल्में चलेंगी?
जवाब: मुझे लगता है कि अगर फिल्म अच्छी बनी है, तो लोग उसे जरूर पसंद करते हैं। जिम्मेदारी हमारी है कि हम ईमानदारी से फिल्म बनाएं। मैंने कभी ट्रेंड्स को फॉलो नहीं किया। मैं हमेशा वही फिल्म चुनता हूं जो मेरे दिल को छूती है। कई बार मेरी फिल्में ट्रेंड के खिलाफ भी गई हैं, लेकिन फिर भी लोगों ने उन्हें पसंद किया है। मेरे करियर में हमेशा ऐसा हुआ है कि मेरी फिल्में उस समय के ट्रेंड से अलग रही हैं। लेकिन यह सिर्फ संयोग नहीं है, बल्कि मेरी सोच है कि कहानी नई और अलग होनी चाहिए।
सवाल : आपको इतना अलग रिस्क लेने की हिम्मत कैसे मिलती है?
जवाब: मैं डरता हूं, यह सच है। हर फिल्म से पहले मुझे लगता है कि कहीं मैंने गलत फैसला तो नहीं ले लिया। लेकिन जब कोई कहानी दिल को छू जाती है, तो मैं उसे रोक नहीं पाता। मैं वही काम करता हूं जो मुझे सच में पसंद आता है। मैं कभी एक जैसी चीज दोबारा नहीं करना चाहता। अगर मैं वही कहानी दोबारा बना दूं, तो न मुझे मजा आएगा और न दर्शकों को। फिल्ममेकिंग मेरे लिए स्टोरीटेलिंग है, और हर कहानी अलग होनी चाहिए।
सवाल : क्या फिल्में बनाना बिजनेस रिस्क भी है?
जवाब: हां, यह एक बिजनेस भी है क्योंकि इसमें पैसा लगा होता है। कोई भी जानबूझकर फ्लॉप फिल्म नहीं बनाता। लेकिन जब फिल्म नहीं चलती, तो मैं बहुत दुखी होता हूं। मैं उस चीज को समझने की कोशिश करता हूं कि गलती कहां हुई।
सवाल : आपने अपने करियर से क्या सीखा?
जवाब: मेरे करियर में सबसे ज्यादा सीख मुझे मेरी असफलताओं से मिली है। हर फ्लॉप फिल्म ने मुझे एक नया नजरिया दिया और मुझे बेहतर बनने की प्रेरणा दी। हर असफलता के बाद मेरे अंदर एक नई ऊर्जा आती है कि अगली बार मैं और बेहतर काम करूंगा।
सवाल : एक दिन के लिए दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: यह एक बहुत ईमानदार और सच्ची फिल्म है। इसे बहुत प्यार और मेहनत से बनाया गया है। मुझे उम्मीद है कि लोग इसे पसंद करेंगे। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि दिल से बनाई गई बात हमेशा दिल तक पहुंचती है।