Exclusive Interview: सोशल मीडिया और साइबर फ्रॉड आजे के सबसे बड़े खलनायक हैं: अरशद वारसी

Edited By Updated: 09 Jul, 2026 01:40 PM

pritam and pedro director and arshad warsi exclusive interview with punjabkesari

सीरीज के बारे में राजकुमार हिरानी और अरशद वारसी ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जियो हॉटस्टार पर रिलीज हुई वेब सीरीज प्रीतम और प्रेड्रो लोगों को काफी पसंद आ रही है। इस सीरीज को राजकुमार हिरानी ने डायरेक्ट किया है। इस सीरीज में विक्रांत मैसी, मोना सिंह, वीर हिरानी, अरशद वारसी, और बोमन ईरानी मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह सीरीज साइबर क्राइम में आधारित है। सीरीज के बारे में राजकुमार हिरानी और अरशद वारसी ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश... 

राजकुमार हिरानी:

सवाल - इस प्रोजेक्ट की शानदार कास्टिंग कैसे हुई? क्या शुरुआत में जिन कलाकारों के बारे में सोचा था, वही सभी जुड़े?

राजकुमार हिरानी: सबसे पहले अरशद से बात हुई और वह तुरंत तैयार हो गए। हमें ऐसे कलाकार चाहिए थे जिनके किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हों। एक सीनियर पुलिस अधिकारी, जिसे नई तकनीक की ज्यादा समझ नहीं है, और दूसरा एक युवा, जिसे तकनीक तो आती है लेकिन अपराध की दुनिया का अनुभव नहीं है। विक्रांत ने भी खुशी-खुशी विलेन का रोल स्वीकार किया और बेहतरीन काम किया। मोना सहित पूरी कास्ट ने अपने किरदार पूरी ईमानदारी से निभाए हैं।

सवाल : क्या इस शो के किरदार वास्तविक लोगों से प्रेरित हैं या पूरी तरह काल्पनिक हैं?

राजकुमार हिरानी: कहानी पूरी तरह कल्पना से नहीं बनती। इसमें हमारे अनुभव, यादें और देखी-सुनी घटनाएं शामिल होती हैं। इस कहानी की शुरुआत अमित जी की साइबर क्राइम से जुड़ी छोटी कहानियों से हुई। वहां से इस दुनिया में रुचि पैदा हुई और फिर धीरे-धीरे किरदार, गोवा का बैकग्राउंड और पूरी कहानी तैयार हुई।

सवाल : मोना और बोमन ईरानी के किरदारों में क्या खास है?

राजकुमार हिरानी: मोना का किरदार काफी अलग है। इस बार उन्होंने फिल्म में गाना भी गाया है और गिटार भी बजाया है। वहीं बोमन का रोल छोटा जरूर है लेकिन बहुत मजेदार और यादगार है। वह लगभग मेरे हर प्रोजेक्ट का हिस्सा रहे हैं।

सवाल : क्या आपकी जिंदगी में कभी साइबर फ्रॉड जैसा कोई अनुभव हुआ है?
 
राजकुमार हिरानी:
हां, कई बार। मेरे ससुर-सास के पास अक्सर फर्जी निवेश वाले मैसेज आते रहते हैं। उन्हें समझाना पड़ता है कि यह धोखा है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी बहुत सारी निजी जानकारी खुद साझा कर देते हैं, जिसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। मेरे साथ ऑनलाइन शॉपिंग में भी कई बार ऐसा हुआ कि सामान आया ही नहीं या खराब निकला। इसलिए अब मैं सिर्फ भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करता हूं।

सवाल : क्या वीर बचपन से ही अभिनेता बनना चाहते थे?

राजकुमार हिरानी: नहीं। पहले उन्हें फिल्में बनाने का शौक था। उन्होंने छोटी-छोटी शॉर्ट फिल्में भी बनाई थीं और मेरे साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। बाद में उन्होंने अभिनय करने की इच्छा जताई। मैंने उन्हें समझाया कि यह आसान नहीं है, लेकिन उन्होंने पूरी मेहनत की, थिएटर किया और अभिनय की पढ़ाई भी की।

अरशद वारसी
सवाल : जब राजकुमार हिरानी की स्क्रिप्ट आपके पास आती है तो आपका पहला रिएक्शन क्या होता है?

अरशद वारसी: सच कहूं तो मेरे लिए जवाब हमेशा "हां" ही होता है। राजू पर मेरा बहुत भरोसा है। उनके साथ काम करने में कभी यह सवाल नहीं होता कि फिल्म करनी है या नहीं करनी है। केवल यही उत्सुकता रहती है कि इस बार कहानी कितनी मजेदार होगी। हर बार उनके ऑफिस से जो स्क्रिप्ट आती है, वह कुछ नया और दिलचस्प लेकर आती है। इस प्रोजेक्ट का सबसे अच्छा पहलू यह लगा कि इसमें साइबर क्राइम और सोशल मीडिया जैसे बेहद गंभीर विषय को मनोरंजन के साथ पेश किया गया है। आज के समय में सोशल मीडिया और साइबर फ्रॉड सबसे बड़े खलनायक बन चुके हैं। ऐसे गंभीर विषय के बीच दो बिल्कुल अलग स्वभाव वाले किरदार हैं और उनके बीच पैदा होने वाला हास्य इस पूरी दुनिया को बहुत खास बना देता है।

सवाल : इस साल आपकी कई फिल्में रिलीज हो रही हैं। इसे लेकर क्या महसूस कर रहे हैं?

अरशद वारसी: ऐसा पहली बार हो रहा है। उम्मीद है कि दर्शकों को सभी फिल्में पसंद आएंगी। मेरे लिए सबसे जरूरी बात यह है कि फिल्म साफ-सुथरी हो, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। अगर कहानी अच्छी हो और हास्य स्वाभाविक हो, तो दर्शक उसे जरूर अपनाते हैं।

सवाल : वीर और विक्रांत के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

अरशद वारसी: विक्रांत बेहद प्रतिभाशाली और समर्पित अभिनेता हैं। वीर का भविष्य भी मुझे बहुत अच्छा लगता है। शुरुआत में उन्हें मेरे साथ काम करने में थोड़ी दिक्कत हुई क्योंकि मैं कई बार संवाद बदल देता हूं। लेकिन उन्होंने जल्दी ही खुद को ढाल लिया और अब वह बहुत अच्छे अभिनेता की तरह सामने वाले कलाकार को सुनकर अभिनय करते हैं।

सवाल : शूटिंग के दौरान अगर किसी सीन में अलग राय हो जाए तो आप उसे कैसे सुलझाते हैं?

अरशद वारसी: हम तुरंत बैठकर बात करते हैं। मुझे सीन में अपने तरीके से कुछ नया जोड़ना पसंद है और अगर कोई सुझाव होता है तो मैं सीधे राजू से शेयर करता हूं।

राजकुमार हिरानी: मुझे लगता है कि कलाकार के सुझाव कहानी को और बेहतर बनाते हैं। अरशद कई बार फोन पर भी नए आइडिया देते थे। हमने मिलकर कई छोटे बदलाव किए जो फिल्म के लिए फायदेमंद साबित हुए।

 सवाल : आपको कब लगा कि अरशद की इम्प्रोवाइजेशन उनकी सबसे बड़ी ताकत है?

राजकुमार हिरानी: "मुन्ना भाई एमबीबीएस" के पहले दिन ही मुझे यह समझ आ गया था। जब उन्होंने लिखे हुए संवाद अपने अंदाज में बोले तो प्रदर्शन ज्यादा बेहतर लगा। तभी मैंने तय किया कि कहानी का भाव बना रहे, बाकी उन्हें अपनी शैली में अभिनय करने की पूरी आजादी होगी।

अरशद वारसी: मेरा मानना है कि हर अभिनेता को अपने किरदार में अपनी पहचान लानी चाहिए। इससे हर किरदार अलग और ज्यादा वास्तविक लगता है।

सवाल : 'प्रीतम एंड पेद्रो' के बाद आगे क्या आने वाला है?

राजकुमार हिरानी: फिलहाल मैं लगातार लिख रहा हूं। "मुन्ना भाई" और "3 इडियट्स" से जुड़े आइडिया पर काम चल रहा है। देखते हैं कि पहले कौन-सा प्रोजेक्ट पूरा होता है।

अरशद वारसी: मैं और संजू तो रोज इनके ऑफिस के बाहर इंतजार करते हैं कि अगली फिल्म कब शुरू होगी।

 

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