Exclusive Interview: ‘इक्का’ सिर्फ कोर्टरूम ड्रामा नहीं, जज़्बातों की लड़ाई है - सिद्धार्थ पी मल्होत्रा

Edited By Updated: 08 Jul, 2026 01:37 PM

ikka director siddharth p malhotra excluisve interview with punjab kesari

इसी के चलते फिल्म के डायरेक्टर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होने जा रही फिल्म 'इक्का' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। फिल्म में करीब 30 साल बाद सनी देओल और अक्षय खन्ना एक बार फिर साथ नजर आएंगे, लेकिन इस बार दोनों की भूमिकाएं बिल्कुल अलग अंदाज़ में सामने आएंगी।  इसी के चलते फिल्म के डायरेक्टर सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
 
1- फिल्म 10 जुलाई को रिलीज़ हो रही है तो कैसा फील कर रहे हैं आप ? फैंस तो काफी उत्सुक है ?
फैंस की एक्साइटमेंट तो और एक्सपेक्टेशन बहुत बढ़ गई है पिक्चर को लेकर और  उससे उससे थोड़ी टेंशन मुझे मिल गई है। पर वो टेंशन भी अच्छी टेंशन है क्योंकि इसका मतलब ये है कि लोग ये फिल्म देखना चाह रहे हैं। अब मुझ पे और मेरी टीम पे निर्भर है कि हम कितना खरा उतरे उनके एक्सपेक्टेशंस पर। बहुत सालों से ये कहानी कहना चाह रहा था। ये कहानी फाइनली कहते कहते 8- 9 साल हो गए कि मुझे इक्का बनानी है । फिर भगवान ने मुझे जब इक्का बनाने दी तो सनी देओल और अक्षय खन्ना के साथ बनाने दी और वो भी एक ऐसे वक्त पर जब वो दोनों अपने करियर के ऊंचाई पर है। मैंने कभी लाइफ में सोचा नहीं था कि इस तरह मुझे ये फिल्म बनाने दी जाएगी। सनी सर मेरे लिए ऑलमोस्ट पिता समान है। मैं उनके चरण छूता हूं। जब भी भी मैं उनको मिलता हूं दिल से छूता हूं। क्योंकि वो एक बहुत बड़े स्टार हैं इसलिए नहीं , बल्कि इस लिए क्यूंकि वो एक इंसान कमाल के हैं।

2 - जब 30 साल पहले वो स्क्रीन पर आए थे तो दोनों एक साथ थे लेकिन इस बार वो आमने- सामने है तो ये भी थोड़ी सी एक नई चीज है और एक्साइटमेंट ज्यादा है इसपर क्या कहना है आपका ?
जी हां , मुझे सेट पर मालूम पड़ा जब हम शूट कर रहे थे।  एक दिन अक्षय ने बोला कि 'सनी 30 इयर्स ना' ,मैंने कहा 30 इयर्स मतलब , तो उन्होंने कहा कि 30 साल हो गए हमें बॉर्डर शूट किये हुए तो मैं कहा - 'वाओ' 30 इयर्स दोनों स्माइल करने लगे. वो दोनों  एक दूसरे को देख के ऑलमोस्ट मेमोरीज में चले गए थे स्माइल कर रहे थे जब पहली बार मिले दो -ढाई मिंट  के लिए एक दूसरे को छोड़ा नहीं बस हग करते थे तो वो एक वार्म अलग ही है, वो तो एक जादू अलग है क्योंकि एक तो वो ओल्ड स्कूल एक्टर्स है दूसरा सनी धर्म जी के बेटे हैं, और अक्षय विनोद खन्ना के बेटे हैं वो जो बाप के लिए रिस्पेक्ट है, फैमिली फिल्म इंडस्ट्री के लिए रिस्पेक्ट है, एक दूसरे के प्रति रिस्पेक्ट है कि ये सीनियर है मैं जूनियर हूं। वो रिस्पेक्ट आपको दिखता है और आप उससे सीखते हो कुछ। तो ये बहुत बड़ी बात। 

3 - अगर सनी देओल की बात करें तो उनको दर्शक पहले एक वकील के तौर पर देख चुके हैं , पहले वो दामिनी में आए थे। आज भी डायलॉग उनका हर जुबान पर रटा हुआ है। तो इस बार दर्शकों की एक्सपेक्टेशन बहुत ज्यादा होगी। तो इस चीज के लिए आप तैयार है?
हां। इस चीज के लिए मैं फुल्ली तैयार हूं। अगर मैं सनी डओल को लॉयर बना के लेके आ रहा हूं तो मुझे उस बात पर खरा उतरना ही पड़ेगा। मेरी कोशिश है कि मैं उन्हें इस तरह पेश ना करू जैसा उन्हें दामनी में लोग देख चुके हैं। मैं सनी डओल का जो फैनडम है एस ए लॉयर उसको ग्लोरिफाई करूं, पर दामिनी वाला दुननय नहीं लेकर औ क्यूंकि फिर दामिनी से तुलना हो जाएगी क्यूंकि वो आज भी हमारे दिमाग में जीवित है।  मैं दामिनी पार्ट टू तो नहीं बना रहा हूं। मैं तो इक्का बना रहा हूं। एक दामिनी में वो दामिनी के लिए लड़ता है लेकिन जो कैरेक्टर यहां पर है उनमें सनी देओल एक वकील के तौर पर जो केस पकड़ रहे है उसे वह लड़ना ही नहीं चाहते पर लड़ना पड़ रहा है , तो ये बात तो है कि जब सनी देओल एक आम नागरिक के लिए लड़ते हैं तो तारिख पे तारिख आएगी लेकिन इसमें सनी डओल,  अक्षय खन्ना के लिए केस लड़ते हैं जो कॉमन मैन नहीं है एक अमीर बाप की औलाद है और उनका एक अच्छा रिलेश रहा है तो तारीख पे तारीख नहीं आएगी कुछ और आएगा,  पर तारीख पे तारीख नहीं आएगी। 


4 -  'तारीख पे तारीख तारीख पे तारीख' तो अब तक चल रहा है लेकिन क्या उसको फेड करने के लिए कुछ नया निकलेगा इक्का में से ?
बिल्कुल और वो निकलना ही चाहिए ना, अगर वो निकाल के नहीं दिया तो क्या ही किया फिर.


5 -   अक्षय खन्ना का भी धुरंधर के बाद से एक अलग ही फैन बेस है तो उसपर क्या कहना है आपका ?
 हां मैं देख रहा हूं,क्योंकि  जब हमने शूट शुरू किया था उस वक्त धुरंधर रिलीज़ नहीं हुई थी। धुरंधर की शूटिंग चल रही थी। फिर जब हम शूट कर रहे थे फिर धुरंधर रिलीज हुई और फिर भी हम शूट कर रहे थे। तो  मेरे सेट पे हर कोई जो आता था तो बोला अक्षय सर धुरंधर अक्षय सर धुरंधर , और वो भी बहुत खुश थे क्योंकि जिस तरह का प्यार लोगों ने उन्हें दिया है इस फिल्म में किस एक्टर को खुशी नहीं होगी कि ये प्यार या ये अपनापन मिले। तो वो एक्सपेक्टेशन मैं भी देख रहा हूं। लोगों को जो अक्षय से एक उम्मीद है मैं उम्मीद वापस कर रहा हूं जैसे सनी सर के साथ लोग को उम्मीद है वो भी खरी उतरेगी अक्षय एंड तक  आपको मिलेगा, सही अक्षय खन्ना मिलेगा।

6 - अक्षय खन्ना और सनी देओल दो इतने शानदार एक्टर्स और इतनी शानदार कहानी , तो इसको ओटीटी पर  क्यों लाने का सोचा? थिएटर्स में क्यों नहीं?
थिएटर्स में लाने का डिसीजन मेरा तो हो ही नहीं सकता क्योंकि नेटफ्लिक्स ओरिजिनल फिल्म है। नेटफ्लिक्स  स्टूडियो है इस पिक्चर की। तो अगर नेटफ्लिक्स चाहती वो थिएटर में लाए तो वो उनका फैसला था । मैं ये 8 - 9 साल से बनाने की कोशिश कर रहा हूं। 8- 9 साल पहले ओटीटी था नहीं। पर ये शायद ऊपर वाले का ही डिसीजन है जो फिल्म इतने बड़े एक्टर्स के साथ बनी और अब 190 कंट्रीज में रिलीज होगी। 


7 -  आजकल लीगल ड्रामा बहुत चल रहे हैं और नो डाउट इसमें एक अलग लेवल का इंटरेस्ट होता है सबको , तो अब इक्का बाकी लीगल ड्रामास से कैसे अलग होगी ?
क्योंकि ये सिर्फ एक लीगल ड्रामा नहीं है ये एक पर्सनल ड्रामा है। जज्बातों की कहानी है। दोस्तों की कहानी है। मेंटर प्रोडक्सी की कहानी है। एक बाप की कहानी है। तो पहले तो आप उस कहानी और उन किरदारों से इन्वेस्ट होते हो कि भाई यार क्या मुझे इसकी कहानी देखनी है कि नहीं। क्या मुझे इस ये किरदार मुझे पसंद है कि नहीं? क्या मैं चाहता हूं कि ये किरदार जीते कि नहीं या हारे? जब तक आपको ये नहीं लगता फिर वो कोर्ट रूम हो या एक्शन हो या कॉमेडी हो आपको फरक नहीं पड़ता । आप पहले तो बोलोगे क्या मैं इस किरदार के साथ जुड़ना चाहता हूं? क्या मुझे ये इंसान अच्छा लगता है कि नहीं? क्या मुझे लगता है कि ये इंसान जीते कि नहीं? ये जिस प्रॉब्लम में अगर मैं इस प्रॉब्लम में आ गया या आ गई तो मैं क्या करती? तो पहले तो इसलिए ये कोर्ट रूम ड्रामा मेरा डिवाइस हो गया। आजकल कोर्ट रूम ड्रामा बहुत लोगों ने देखे हैं और इंटरेस्टिंग हो जाती है। तो वो दाव पेच रखें है।  और फिर आपने लॉयर्स से भी कंसल्ट किया लॉयर्स को दिखाया है लॉयर्स को स्क्रिप्ट सुनाई है कोर्ट में गए हैं रिसर्च भी किया है


8 - इक्का की कास्टिंग को लेकर कोई शक था या पहले ही तय हो चूका था कि सनी देओल के ऑपोसिट अक्षय खन्ना को ही कास्ट किया जाएगा ?
मैं अक्षय खन्ना के साथ ऑलमोस्ट छह आठ साल से काम करने की कोशिश कर रहा हूं। मैंने कुछ फिल्में और  कुछ शोज प्रोड्यूस किए हैं। मैं हमेशा अक्षय के पास जाता था कि अक्षय ये सुन लें । तो अक्षय और मेरी बात पहले से चल रही थी। फिर जब ये फिल्म अप्रूव हुई नेटफ्लिक्स और सनी देओल से तो उन्होंने बोला ये कौन करेगा? शौर्यमन गौर का कैरेक्टर , वो एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट कैरेक्टर है। तो मैं बोला मैं अक्षय के पास ही जाऊंगा। वो बोला करेगा क्या? मैं बोला मुझे पता नहीं , सुन लेंगे पर जाऊंगा जरूर। मैं उनके पास गया इस बार उनको कहानी अच्छी लगी। दो दिन में उन्होंने हां बोला, एक हफ्ते में उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया।

 

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