जुहू बीच पर बिना कपड़ों के दौड़ी थीं ये एक्ट्रेस, फिर कैलाश यात्रा से हुईं लापता...आज तक नहीं मिला शव

Edited By Updated: 02 Jul, 2026 05:41 PM

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Protima Bedi Life : मॉडल और कलाकार प्रोतिमा बेदी को हमेशा से ही उनके बोल्ड अंदाज को बेखौफ फैसलों के लिए जाना जाता था। उन्होंने हमेशा से सामाजिक रूढ़िवादी सोच को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। इसी वजह से हमेशा उनका नाम किसी न किसी विवाद में जुड़ा रहा।

Protima Bedi Life : मॉडल और कलाकार प्रोतिमा बेदी को हमेशा से ही उनके बोल्ड अंदाज को बेखौफ फैसलों के लिए जाना जाता था। उन्होंने हमेशा से सामाजिक रूढ़िवादी सोच को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। इसी वजह से हमेशा उनका नाम किसी न किसी विवाद में जुड़ा रहा। प्रतिमा ने 1970 के दशक में मॉडलिंग की दुनिया से अपने करियर की शुरुआत की और जल्द ही अपनी पहचान बनी ली। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने ग्लैमर इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया और शास्त्रीय नृत्य की और रुख किया। इसके बाद उन्होंने अपना सारा जीवन ओड़िसी नृत्य को समर्पित कर दिया और इस वजह से उन्होंने बहुत लाइमलाइट बटोरी। 

 बिना कपड़ों के जुहू बीच पर भागी थीं 
1974 में प्रोतिमा का नाम सबसे ज्यादा विवादों में आया था। इस दौरान उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जो हर किसी के बस की बात नहीं है। वो बिना कपड़ों के मुंबई के जुहू बीच पर भागी थीं। खबरों के मुताबिक ये एक मैग्जीन के लिए पब्लिसिटी कैम्पेन था। इसके बाद इनका नाम सबसे ज्यादा विवादित एक्ट्रेस में आ गया था। 

 ओपन मैरिज में रहीं प्रोतिमा, पति ने की चार शादियां 
इसके बाद प्रोतिमा की शादी कबीर बेदी से हुई और इस शादी से उनके दो बच्चे थे। एक लड़का और एक लड़की। लेकिन किसी कारणवश दोनों की शादीशुदा जिंदगी कुछ ज्यादा दिन तक नहीं चलीं और 1974 में दोनों का तलाक हो गया। 

 एक बार एक इंटरव्यू देते हुए उनके पति ने बताया कि अपने रिश्ते को बचाने के लिए उन्होंने बड़ा कदम उठाया था। खबरों के मुताबिक दोनों ने ओपन मैरिज में रहने का फैसला किया। ओपन मैरिज का मतलब शादी के दौरान दोनों अपनी मर्जी से फैसले ले सकते हैं। उनके पति ने सोचा कि इस फैसले के बाद उनका रिश्ता सुधर जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अंत में दोनों अलग हो गए। शॉकिंग खबर वो थी जब उनके बेटे सिद्धार्थ बेदी ने आत्महत्या कर ली थी। 

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान हुआ निधन 
प्रोतिमा बेदी अब इस दुनिया में नहीं हैं। महज 49 वर्ष की उम्र में उनका जीवन दुखद तरीके से समाप्त हो गया। वर्ष 1998 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मालपा क्षेत्र में हुए भीषण भूस्खलन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद उनका शव कभी बरामद नहीं हो सका।

एक इंटरव्यू में उनकी बेटी पूजा बेदी ने अपनी मां को याद करते हुए बताया था कि प्रोतिमा हमेशा चाहती थीं कि जब भी उनका अंतिम समय आए, वह प्रकृति की गोद में हों। संयोगवश, उनके जीवन का आखिरी पड़ाव भी हिमालय की वादियों और पहाड़ों के बीच ही बीता।
 

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