Exclusive Interview: पिता से यही सीखती हूं 'जो कंट्रोल में है उसी पर फोकस करो' - शनाया कपूर

Edited By Updated: 24 Feb, 2026 05:31 PM

tu yaa main starcast exclusive interview with punjab kesari

इस फिल्म के बारे में निर्देशक बीजॉय नांबीयार, शनाया कपूर और आदर्श गौरव ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शनाया कपूर और आदर्श गौरव की फिल्म‘तू या मैं’13 फरवरी 2026 को वैलेंटाइन वीक में सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को दर्शकों का मिला जुला रिस्पॉस मिल रहा है। यह फिल्म एक सर्वाइवल थ्रिलर है जिसमें एक खतरनाक मगरमच्छ से जूझते नजर आते हैं और अपनी जान बचाने के लिए जंग लड़ते है। इस फिल्म के बारे में निर्देशक बीजॉय नांबीयार, शनाया कपूर और आदर्श गौरव ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...  


बीजॉय नांबीयार 

सवाल: ट्रेलर में दिखा खून भरी मांग जैसा क्रोकोडाइल सीन काफी नॉस्टैल्जिक लगा। क्या आपने पहले सोचा था कि ऐसी फिल्म बनाएंगे?

नहीं, पहले कभी नहीं सोचा था। लेकिन उस दौर की फिल्मों ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला। खून भरी मांग, किशन कन्हैया और करण अर्जुन जैसी फिल्मों से प्रेरणा मिली। जब इस फिल्म में क्रोकोडाइल के साथ कहानी बनाने का मौका मिला तो यह मेरे लिए एक तरह से श्रद्धांजलि जैसा था।

सवाल: आपकी फिल्मों की विजुअल अपील हमेशा अलग होती है। इसके पीछे क्या वजह है?
हर फिल्ममेकर की अपनी एस्थेटिक और सोच होती है। मेरी फिल्मों का अलग लुक मेरी टीम और टेक्नीशियन्स की वजह से संभव हो पाता है। सिनेमैटोग्राफर और सहयोगियों ने मेरे विजन को बेहतर बनाया है।

सवाल: आज के बदलते रिश्तों और यंगस्टर्स के लव डायनेमिक्स को फिल्म में कैसे दिखाया गया?
हमने कोशिश की कि रिश्तों को जितना हो सके वास्तविक और ईमानदार तरीके से दिखाया जाए। लेखन और शूटिंग के दौरान संवादों को अधिक ऑथेंटिक बनाने पर ध्यान दिया गया।


आदर्श गौरव 

सवाल: आपकी फिल्म चॉइस हमेशा अलग और लेयर्ड कैरेक्टर्स वाली होती है। क्या यह आपकी सोच-समझकर की गई पसंद है?
मुझे ऐसे किरदार निभाने में मजा आता है जिनमें कमियां और कई लेयर्स हों। ऐसे किरदारों को समझने की प्रक्रिया मुझे बहुत कुछ सिखाती है। इसलिए मैं जानबूझकर चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं चुनने की कोशिश करता हूं।

सवाल: क्या इंडस्ट्री में ऐसे मौके आसानी से मिले?
मेरा इरादा जरूर था, लेकिन सही लोगों का भरोसा मिलना भी जरूरी होता है। रीमा कागती, अमीन बैरानी और बिजोय नांबियार जैसे फिल्ममेकर ने मुझ पर भरोसा किया और ऐसे किरदार निभाने का मौका दिया।

शनाया कपूर

सवाल: आप अपने किरदार के बारे में क्या बताना चाहेंगी?
 मेरे किरदार की पहचान क्रोकोडाइल मोटिफ से भी जुड़ी है, जिसे मैं अपने स्टाइल में भी कैरी कर रही हूं। यह कैरेक्टर की एक खास पहचान है।

सवाल: फिल्म के दौरान आपका सबसे बड़ा लर्निंग एक्सपीरियंस क्या रहा?
 बिजोय सर ने मुझे सेट पर अपनी राय रखने और खुलकर आइडिया देने की आज़ादी दी। मैंने सीखा कि ओवरथिंक नहीं करना चाहिए, खुद पर भरोसा रखकर काम करना चाहिए और काम को एंजॉय करना चाहिए।

सवाल: स्टार किड होने के कारण प्रेशर को कैसे देखती हैं?
मैं अपने पिता से यही सीखती हूं कि ईमानदारी से काम करो और अच्छा इंसान बनो। जो हमारे नियंत्रण में है उसी पर ध्यान देना चाहिए, बाकी चीजें अपने आप ठीक हो जाती हैं।

सवाल: प्यार की आपकी परिभाषा क्या है?
प्यार में खुलापन और बेझिझक होना जरूरी है। अगर प्यार में वो बेशर्मी यानी खुलापन नहीं है, तो वह अधूरा लगता है।

 

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