Edited By Mansi,Updated: 17 Sep, 2026 05:56 PM

पल्लवी जोशी की CBFC में नियुक्ति के बाद एक रिपोर्ट में उन्हें विवेक अग्निहोत्री की पत्नी बताए जाने पर फिल्ममेकर ने आपत्ति जताई और उनकी उपलब्धियां गिनाईं।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अभिनेत्री और निर्माता पल्लवी जोशी की केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC में नियुक्ति के बाद उनके परिचय को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। एक रिपोर्ट में पल्लवी जोशी का जिक्र मुख्य रूप से फिल्ममेकर विवेक रंजन अग्निहोत्री की पत्नी के तौर पर किया गया। इस तरह के परिचय पर विवेक अग्निहोत्री ने सार्वजनिक तौर पर आपत्ति जताई है।
फिल्ममेकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि पल्लवी जोशी की पहचान को उनके पति के नाम तक सीमित करना उनके लंबे और स्वतंत्र करियर को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने अभिनेत्री के चार दशक से ज्यादा लंबे काम और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि उन्हें उनकी अपनी पहचान के साथ क्यों नहीं पेश किया गया।
पल्लवी जोशी के करियर का दिया हवाला
विवेक अग्निहोत्री ने अपनी पोस्ट में पल्लवी जोशी के अभिनय करियर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पल्लवी ने महज चार साल की उम्र में एक्टिंग शुरू कर दी थी और आगे चलकर टेलीविजन और फिल्मों में अपनी जगह बनाई। उन्होंने यह भी कहा कि पल्लवी जोशी चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी हैं। उनके मुताबिक, अभिनेत्री ने अपने लंबे करियर में एक्टिंग के अलावा प्रोडक्शन और क्रिएटिव काम में भी योगदान दिया है।
विवेक ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जब पल्लवी जोशी ने ‘आरोहण’ जैसे प्रोजेक्ट का निर्माण किया था, जो भारतीय नौसेना में महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित था, उस समय उन्हें खुद प्रोडक्शन के काम की ज्यादा जानकारी नहीं थी।
‘सफल महिला की पहचान पति के नाम से क्यों?’
विवेक अग्निहोत्री ने अपनी पोस्ट में मीडिया रिपोर्टिंग के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी महिला की पेशेवर उपलब्धियों के बजाय उसके पति के साथ रिश्ते को प्रमुखता देना उचित नहीं है।
उन्होंने लिखा कि पल्लवी जोशी ने अभिनय, टेलीविजन, सिनेमा और प्रोडक्शन के क्षेत्र में दशकों तक काम करके अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में उनका परिचय केवल ‘फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री की पत्नी’ के तौर पर करना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों को पीछे कर देता है।
सोशल मीडिया पोस्ट में क्या बोले विवेक अग्निहोत्री?
विवेक अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में संबंधित रिपोर्ट को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकारिता के इस तरीके को महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण बताते हुए पल्लवी जोशी की उपलब्धियों को सामने रखा। उन्होंने लिखा, “पल्लवी जोशी चार बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी अभिनेत्री हैं। उन्होंने चार साल की उम्र से अभिनय शुरू किया था।” इसके बाद उन्होंने उनके टेलीविजन और फिल्मी करियर का जिक्र करते हुए कहा कि पल्लवी ने खुद एक मजबूत पेशेवर पहचान बनाई है।
विवेक ने आगे ‘आरोहण’ का उदाहरण देते हुए कहा कि पल्लवी ने प्रोडक्शन और क्रिएशन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी लंबी पेशेवर यात्रा के बावजूद किसी महिला को उसके पति के नाम से पेश करना क्यों जरूरी समझा जाता है।
CBFC में नियुक्ति के बाद सामने आया मामला
पल्लवी जोशी को हाल ही में पुनर्गठित CBFC बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। नए बोर्ड में उनके अलावा फिल्म और मनोरंजन जगत के कई चर्चित नाम भी शामिल हैं।
इसी नियुक्ति से जुड़ी रिपोर्टिंग में पल्लवी जोशी के परिचय को लेकर विवेक अग्निहोत्री ने सवाल उठाया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया के जरिए यह मुद्दा उठाया कि लंबे समय से अपने क्षेत्र में काम कर रही महिला पेशेवरों का परिचय उनकी खुद की उपलब्धियों के आधार पर भी किया जाना चाहिए।
विवेक अग्निहोत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। उनकी पोस्ट में मुख्य जोर पल्लवी जोशी के व्यक्तिगत करियर और उपलब्धियों को उनकी वैवाहिक पहचान से अलग देखने पर रहा।