Edited By Radhika,Updated: 02 Apr, 2026 02:29 PM

WhatsApp, Telegram या सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करने वालों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सिम-बाइंडिंग जैसे कड़े नियमों को लागू करने की तारीख फिलहाल टाल दी है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी...
SIM Binding Rule: WhatsApp, Telegram या सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग करने वालों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सिम-बाइंडिंग जैसे कड़े नियमों को लागू करने की तारीख फिलहाल टाल दी है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। आइए जानते हैं कि क्या है ये 'SIM-बाइंडिंग' नियम
क्या है यह 'SIM-बाइंडिंग' नियम?
साधारण शब्दों में कहें तो इस नियम के लागू होने के बाद आपका मैसेजिंग ऐप सीधे आपके फोन में मौजूद सिम कार्ड से जुड़ जाएगा। जिस नंबर से आपका अकाउंट बना है, वह सिम उसी फोन में होना जरूरी होगा। यदि आप फोन से सिम निकालते हैं या सिम बंद हो जाता है, तो ऐप अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ओटीपी (OTP) फ्रॉड और अवैध तरीके से अकाउंट एक्सेस करने जैसी घटनाओं पर लगाम लगाना है।
डेस्कटॉप और वेब यूजर्स को भी बड़ी राहत
पहले चर्चा थी कि सुरक्षा के लिहाज से व्हाट्सएप वेब या डेस्कटॉप वर्जन हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएंगे और यूजर्स को बार-बार QR कोड स्कैन करना पड़ेगा। लेकिन तकनीकी पेचीदगियों को देखते हुए सरकार ने इस प्रस्ताव को भी फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब केवल संदिग्ध गतिविधियों की स्थिति में ही सेशन खत्म किया जाएगा।
क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?
रिपोर्ट्स के अनुसार, टेक कंपनियों (जैसे मेटा और टेलीग्राम) ने इस नियम को तुरंत लागू करने में असमर्थता जताई थी। कंपनियों का तर्क है कि Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर इस फीचर को बिना किसी गड़बड़ी के सिंक करने के लिए और अधिक समय और तकनीकी बदलावों की आवश्यकता है। पहले यह नियम फरवरी 2026 तक लागू होना था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
आम यूजर्स पर क्या होगा असर?
आप 31 दिसंबर 2026 तक मौजूदा तरीके से ही ऐप्स का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। डेडलाइन खत्म होने के बाद, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस नंबर से आपका व्हाट्सएप चल रहा है, वह सिम आपके उसी हैंडसेट में मौजूद रहे। इससे सुरक्षा का एक अतिरिक्त स्तर (Layer) जुड़ जाएगा।