Edited By Rahul Singh,Updated: 15 Jan, 2026 10:10 PM

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब केसरी अख़बार की प्रिंटिंग प्रेस पर की गई पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक...
शिमला : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब केसरी अख़बार की प्रिंटिंग प्रेस पर की गई पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की रीढ़ होती है, लेकिन सत्ता के दबाव में मीडिया की आवाज़ को दबाने का यह प्रयास आपातकाल की काली यादों और तानाशाही मानसिकता की ओर इशारा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना से घबराकर पुलिस बल का दुरुपयोग कर रही है, जो पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया, ''पंजाब आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब केसरी अख़बार की प्रिंटिंग प्रेस पर की गई पुलिसिया कार्रवाई लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। ऐसी दमनकारी कार्रवाई आपातकाल की काली यादों और तानाशाही मानसिकता को उजागर करती है। स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा है खबरों को दबाने के लिए पुलिस बल का दुरुपयोग यह दर्शाता है कि सत्ता सच से भयभीत है।''
जयराम ठाकुर ने आगे लिखा, ''पंजाब केसरी पर की गई कार्रवाई मीडिया को डराने और जनता की आवाज़ को कुचलने का प्रयास है। हम इस अलोकतांत्रिक कदम की कड़ी निंदा करते हैं सरकार अपनी तानाशाही से बाज आए और अखबारों पर दमन कारी नीति चलाने के बजाय स्वयं जनहितकारी नीति पर चले।''
बता दें कि 31 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक संतुलित समाचार के बाद आम आदमी पार्टी ने पंजाब केसरी ग्रुप को निशाना बनाना शुरू कर दिया। 2 नवंबर से सभी सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए गए और उसके पश्चात एक के बाद एक विभिन्न सरकारी विभागों—एफएसएसएआई, जीएसटी, आबकारी विभाग, फैक्ट्री विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से लगातार छापेमारी और कार्रवाई की गई। यह स्पष्ट रूप से चौथे स्तंभ पर हमला है और मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास है। होटल, प्रिंटिंग प्रेस, लाइसेंस रद्द करना, बिजली कनेक्शन काटना और प्रेस परिसरों के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती यह साबित करती है कि सरकार जानबूझकर प्रेस संचालन को बाधित करना चाहती है। हाला्ंकि, आम आदमी पार्टी यह भूल गई है कि पंजाब केसरी उस समय भी पीछे नहीं हटा जब देश को तोड़ने में बाहरी शक्तियों ने कोशिशें की और इमरजेंसी में भी डटकर कवरेज की थी।