Edited By Tanuja,Updated: 30 Sep, 2026 04:28 PM

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने अपने नए महिला हथियारबंद दस्ते करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन के पहले अभियान का वीडियो जारी किया है। 22 सितंबर को तुर्बत के पास पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमले का दावा किया गया। संगठन ने नौ सैन्यकर्मियों के मारे जाने की बात...
Islamabad: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने अपने नए महिला हथियारबंद दस्ते करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन (KAAD) के पहले अभियान का वीडियो जारी किया है। संगठन के मुताबिक, 22 सितंबर को तुर्बत के पास चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े राजमार्ग पर पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाया गया। BLF ने इस हमले में नौ पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। BLF की ओर से जारी वीडियो में महिला कमांडर लड़ाकों को अभियान की जानकारी देती दिखाई देती है। इसके बाद हथियारबंद लड़ाके पाकिस्तानी सेना के तीन वाहनों वाले त्वरित प्रतिक्रिया बल के काफिले पर गोलीबारी करते नजर आते हैं। वीडियो में एक बख्तरबंद वाहन भी दिखाई देता है। रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला तुर्बत के पास जुसाक इलाके में हुआ था। BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने बाद में दावा किया कि हमले में पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को नुकसान पहुंचा और सैन्य वाहन क्षतिग्रस्त हुए। बाद की जानकारी में संगठन ने अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल नौ सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। BLF के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की जवाबी घेराबंदी के दौरान उसके कुरबान दस्ते ने महिला लड़ाकों को इलाके से बाहर निकालने में मदद की। संगठन ने अपने एक लड़ाके चाकर मुराद के मारे जाने की भी बात कही है। बलूचिस्तान में इसी दौरान एक अन्य हथियारबंद संगठन बलूच रिपब्लिकन आर्मी (BRA) ने डेरा बुगती इलाके में मारी एनर्जीज लिमिटेड की एक साइट को निशाना बनाने का दावा किया। संगठन के मुताबिक, रॉकेट और भारी हथियारों से किए गए हमले के बाद पाकिस्तानी सेना और एक स्थानीय हथियारबंद समूह के बीच मुठभेड़ हुई। BRA से जुड़े दावों में पाकिस्तानी सैनिकों और स्थानीय हथियारबंद समूह के सदस्यों के मारे जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने भी अलग-अलग कार्रवाइयों का दावा किया है। उसके मुताबिक, उसके लड़ाकों ने हाजी शहर में कार्रवाई की और एक पुलिस थाने को निशाना बनाया। संगठन ने एरी शहर में सरकारी इमारतों पर कब्जे का भी दावा किया। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
कौन थीं करीमा बलूच?
करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन का नाम बलूच कार्यकर्ता करीमा बलूच, यानी करीमा मेहराब, के नाम पर रखा गया है। वह बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन-आजाद की पहली महिला अध्यक्ष रही थीं और बलूचिस्तान में अधिकारों तथा अलगाववादी आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय थीं। करीमा बलूच 2015 में कनाडा चली गई थीं और उन्हें 2016 में कनाडा में शरण मिली थी। दिसंबर 2020 में टोरंटो में उनका शव मिला था। टोरंटो पुलिस ने उस समय उनकी मौत को गैर-आपराधिक और संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ी नहीं माना था, जबकि उनके परिवार और समर्थकों ने पूरी जांच की मांग की थी।