Edited By Tanuja,Updated: 28 Sep, 2026 12:06 PM

संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाहर एक कथित वीडियो में अफगान महिला पत्रकार तालिबान की महिलाओं संबंधी नीतियों और पाकिस्तान के रुख पर ख्वाजा आसिफ से सवाल करती दिखती हैं। रिपोर्ट के अनुसार आसिफ ने सीधे जवाब देने के बजाय गले पर हाथ फेरने का इशारा किया।...
New York: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में एक अफगान महिला पत्रकार तालिबान के साथ पाकिस्तान के संबंधों और अफगान महिलाओं के खिलाफ तालिबान की नीतियों को लेकर सवाल करती दिखाई देती है। दावा है कि जवाब देते हुए आसिफ ने महिला को बीच में रोक दिया और फिर ऐसा इशारा किया, जिसे सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने जान से मारने की धमकी जैसा माना।
पत्रकार ने किया ये सवाल
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के मुताबिक, अफगान पत्रकार ने आसिफ से पूछा कि तालिबान की अफगान महिलाओं के प्रति नीतियों को बदलने के लिए पाकिस्तान का क्या संदेश है और जब तालिबान को पाकिस्तान का मित्र माना जाता था, तब इस्लामाबाद ने इन नीतियों का विरोध क्यों नहीं किया पत्रकार का सवाल मूल रूप से तालिबान के शासन में अफगान महिलाओं की स्थिति और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर था।
An Afghan woman asked #KhawajaAsif a legitimate question about Pakistan’s friendship with Taliban, and Taliban’s treatment of #AfghanWomen, and why #Pakistan did not challenge these policies from the beginning when the #Taliban were considered friends.
His response? Don’t go… pic.twitter.com/cJFVGCbhKB
— Aina Durkhanai آئینه درخانۍ (@khybereena) September 26, 2026
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का जवाब
वीडियो में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पत्रकार को बीच में रोकते हुए दिखाई देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पत्रकार के पहनावे की ओर इशारा करते हुए कहा, “ऐसे वापस मत जाना... वहां वे...” इसके बाद उन्होंने हाथ को गले के पास ले जाकर गर्दन काटने जैसा इशारा किया। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों के हंसने की आवाज भी सुनाई देती है। सोशल मीडिया पर इसी इशारे को लेकर सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया सामने आई है। आलोचकों ने इसे इस अर्थ में लिया कि अगर पत्रकार उसी तरह अफगानिस्तान लौटीं तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। हालांकि, आसिफ के इशारे की मंशा के बारे में उनकी ओर से कोई स्पष्ट सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर बवाल
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने सवाल किया कि अफगान महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन पर तालिबान के प्रतिबंधों जैसे गंभीर मुद्दे पर सीधे जवाब देने के बजाय पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। आलोचना का एक हिस्सा आसिफ के आसपास मौजूद लोगों की कथित हंसी को लेकर भी है। आलोचकों का कहना है कि महिला पत्रकार ने तालिबान की नीतियों और पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल किया था, जिसका जवाब स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए था। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान के 10 स्थानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए थे। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तारड़ के अनुसार, ये हमले अफगानिस्तान से पाकिस्तान की ओर किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में थे।