Edited By Rohini Oberoi,Updated: 06 Apr, 2026 09:31 AM

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में कुदरत का एक ऐसा दुर्लभ नजारा देखने को मिला है जिसने आधुनिक चिकित्सा जगत के बड़े-बड़े दिग्गजों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक महिला ने एक साथ चार ऐसी बेटियों को जन्म दिया है जो बिल्कुल एक जैसी दिखती...
Russian Woman Gives Birth to Four Daughters : रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में कुदरत का एक ऐसा दुर्लभ नजारा देखने को मिला है जिसने आधुनिक चिकित्सा जगत के बड़े-बड़े दिग्गजों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक महिला ने एक साथ चार ऐसी बेटियों को जन्म दिया है जो बिल्कुल एक जैसी दिखती हैं। सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार ऐसी घटना 1.55 करोड़ (15.5 मिलियन) गर्भधारण में से महज एक बार होती है।
क्या है ये 'मोनोकोरियोनिक' चमत्कार?
चिकित्सा विज्ञान में इस मामले को 'मोनोकोरियोनिक' (Monochorionic) गर्भावस्था कहा जाता है जो इसे बेहद असाधारण बनाता है। आमतौर पर जुड़वां बच्चों के मामले में हर भ्रूण की अपनी अलग गर्भनाल (Placenta) होती है लेकिन इस केस में चारों बच्चियां एक ही गर्भनाल से जुड़ी हुई थीं। यह तब होता है जब एक ही निषेचित अंडा (Fertilized Egg) कई बार विभाजित हो जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका कोई ठोस आनुवंशिक कारण या पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता, यह पूरी तरह से कुदरत का एक 'रैंडम' करिश्मा है।
डॉक्टरों की फौज और सफल मिशन
इस बेहद जटिल और जोखिम भरे प्रसव (Delivery) के लिए अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की एक बड़ी टीम तैनात की गई थी। चारों नवजात बच्चियों का वजन 1,360 ग्राम से 1,640 ग्राम के बीच है जबकि उनकी लंबाई 37 से 41 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। एक ही गर्भनाल होने की वजह से बच्चों तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती थी जिसे रूसी डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। फिलहाल मां और चारों बेटियां पूरी तरह स्वस्थ हैं।
दुनिया भर में केवल 15 ऐसे मामले
दुनिया के चिकित्सा इतिहास पर नजर डालें तो अब तक ऐसे केवल 15 मामले ही दर्ज किए गए हैं जिनमें एक जैसे चार बच्चे (Identical Quadruplets) पैदा हुए हों।
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अनोखा संयोग: एक दिलचस्प बात यह है कि इन दुर्लभ मामलों में ज्यादातर लड़कियों का ही जन्म हुआ है।
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रूस का रिकॉर्ड: इस सफल डिलीवरी के साथ ही रूस उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जहां एक ही अंडे से जन्मे चार बच्चों का रिकॉर्ड दर्ज है।
सोशल मीडिया पर इस खबर को 'चमत्कारों का चमत्कार' कहा जा रहा है। इतनी कम संभावना के बावजूद चारों बच्चियों का सुरक्षित होना न केवल परिवार के लिए खुशी की बात है बल्कि शोधकर्ताओं के लिए भी एक नया विषय बन गया है।