Edited By Tanuja,Updated: 14 May, 2026 01:56 PM

रूस ने यूक्रेन के करीब 20 क्षेत्रों पर 800 से अधिक ड्रोन दागकर युद्ध का सबसे बड़ा हमला किया। हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को कमजोर करना चाहता है।
International Desk: रूस ने बुधवार को यूक्रेन पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम देते हुए करीब 20 क्षेत्रों पर 800 से अधिक ड्रोन दाग दिए। राजधानी कीव, पश्चिमी शहर लीव और काला सागर के बंदरगाह शहर ओडेसा समेत कई इलाकों में घंटों तक धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं।यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत कई लोग घायल हुए हैं। कई इमारतों और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इसे चार साल से जारी युद्ध के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि रूस का मकसद यूक्रेन की हवाई रक्षा प्रणाली पर दबाव बनाना और उसे कमजोर करना है। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि ड्रोन हमलों के बाद रूस क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल हमले भी कर सकता है।हमलों का असर पड़ोसी देशों में भी दिखाई दिया। सीमा के पास ड्रोन गतिविधियों के बाद हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार ने रूसी राजदूत को तलब करने की घोषणा करते हुए मॉस्को की कार्रवाई की निंदा की।
कीव में कई ड्रोन मार गिराए गए, लेकिन उनका मलबा खुले इलाकों में गिरा। पश्चिमी रिवने क्षेत्र में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते हमलों के बीच जेलेंस्की ने कहा कि अगर दुनिया रूस की कार्रवाई पर चुप रही तो मॉस्को और अधिक आक्रामक हो सकता है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिए हैं कि युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है, हालांकि दोनों नेताओं ने इसके पीछे कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दोहराया कि रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिजिया क्षेत्रों से अपनी सेना हटाए। वहीं यूक्रेन ने साफ किया है कि वह रूस पर दबाव बनाए रखेगा। हाल के महीनों में यूक्रेन ने भी लंबी दूरी के ड्रोन हमलों के जरिए रूस के ऊर्जा और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे युद्ध और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।