Edited By Tanuja,Updated: 08 Sep, 2026 01:39 PM

ऑस्ट्रेलिया सोशल मीडिया यूजर्स को एल्गोरिदम आधारित फीड से बाहर निकलने का विकल्प देने वाला कानून लाने जा रहा है। 16 साल से अधिक उम्र के यूजर केवल फॉलो किए अकाउंट्स का कंटेंट देख सकेंगे। बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाने की जिम्मेदारी भी प्लेटफॉर्म्स...
Canberra: ऑस्ट्रेलिया की सरकार ऐसे नए कानून लाने जा रही है, जिनके तहत सोशल मीडिया पर क्या दिखेगा, इसका फैसला अब सिर्फ प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम नहीं करेगा। यूजर्स को यह चुनने का अधिकार मिलेगा कि वे एल्गोरिदम से चुना हुआ कंटेंट देखना चाहते हैं या केवल उन्हीं अकाउंट्स की पोस्ट, जिन्हें वे खुद फॉलो करते हैं। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मंगलवार को संसद भवन में इस प्रस्तावित कानून की घोषणा की। सरकार का कहना है कि इसका मकसद सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों को अपनी ऑनलाइन फीड पर ज्यादा नियंत्रण देना है। प्रस्तावित डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर कानून के तहत 16 साल से अधिक उम्र के यूजर्स एल्गोरिदम आधारित फीड को आसानी से बंद या चालू कर सकेंगे। अगर कोई यूजर एल्गोरिदम से बाहर निकलने का विकल्प चुनता है, तो उसे मुख्य रूप से उन्हीं अकाउंट्स का कंटेंट दिखाया जाएगा, जिन्हें वह फॉलो करता है। सरकार का मानना है कि इससे सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा यूजर की पसंद और व्यवहार के आधार पर कंटेंट को लगातार आगे बढ़ाने की व्यवस्था पर यूजर्स का नियंत्रण बढ़ेगा।
नए प्रस्ताव में 18 साल से कम उम्र के यूजर्स की सुरक्षा को लेकर भी प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा जिम्मेदारी डालने की बात कही गई है। सरकार के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट से बच्चों को बचाने के लिए कदम उठाने होंगे, जो ईटिंग डिसऑर्डर, महिलाओं के खिलाफ नफरत या अपराध को बढ़ावा देने और उसका महिमामंडन करने से जुड़ा हो। ऑस्ट्रेलिया की संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि टेक कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने बड़ी टेक कंपनियों पर लंबे समय तक पर्याप्त नियमन के बिना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलाने का आरोप लगाया। प्रस्तावित नियमों का उल्लंघन करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों पर 10 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह रकम करीब 7.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर बताई गई है। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा कि सरकार का मकसद इंटरनेट पर लोगों की पसंद छीनना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी पसंद तय करने की ताकत देना है।
बात दें कि ऑस्ट्रेलिया पहले ही बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर दुनिया के सबसे सख्त कदमों में से एक उठा चुका है। अल्बनीज सरकार ने 2024 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध वाला कानून पारित किया था, जो दिसंबर 2025 से लागू हुआ। अब सरकार इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए सोशल मीडिया के एल्गोरिदम और यूजर सुरक्षा पर भी कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाने की तैयारी कर रही है। जून में सरकार ने यह भी कहा था कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों से जुड़े न्यूनतम आयु नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकतम जुर्माने को बढ़ाकर 9.9 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर किया जाएगा।