बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों को लेकर Shocking खुलासा, चीनी सेना के अस्पतालों में कर रहीं दवा परीक्षण, वजह कर देगी हैरान !

Edited By Updated: 14 Apr, 2026 06:06 PM

global pharma giants escape us regulation while testing drugs in china

बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियां चीन के शिनजियांग और सैन्य अस्पतालों में क्लिनिकल ट्रायल कर US नियमों से बच रही हैं।रिपोर्ट के अनुसार इन ट्रायल्स का डेटा अमेरिकी मंजूरी में उपयोग हो रहा है, जबकि क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघन और जबरन परीक्षण को लेकर गंभीर...

International Desk: बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों को लेकर एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।  रिपोर्ट के मुताबिक कई बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियां चीन के  शिजियांग ( Xinjiang) क्षेत्र और चीनी सेना से जुड़े अस्पतालों में दवाओं के परीक्षण कर रही हैं और इस प्रक्रिया में अमेरिकी नियमों से बच निकल रही हैं। मेडिकल डेटाबेस ClinicalTrials.gov से जुटाए गए डेटा पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां लंबे समय से ऐसे स्थानों पर क्लिनिकल ट्रायल कर रही हैं, जहां निगरानी सीमित है और कई बार अस्पतालों की सैन्य पहचान भी स्पष्ट नहीं होती।

 

 चीन के अलग-अलग प्रांतों में People's Liberation Army (PLA) से जुड़े करीब 165 अस्पताल हैं, जहां इस तरह के परीक्षण हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अलग-अलग जगहों पर ट्रायल करने से कंपनियों को विविध आबादी पर दवा के असर का डेटा मिलता है, जिसे बाद में नियामक मंजूरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है।उदाहरण के तौर पर, ब्रिटेन की दवा कंपनी AstraZeneca द्वारा विकसित कोविड-कालीन इलाज “Evusheld” का परीक्षण शिनजियांग सहित कई देशों में किया गया था। बाद में इस दवा को अमेरिका में मंजूरी भी मिल गई।हालांकि, शिनजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर पहले से ही गंभीर चिंताएं रही हैं। कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और United Nations ने यहां उइगर मुस्लिमों के खिलाफ कथित उत्पीड़न और जबरन श्रम के आरोप लगाए हैं।

 

इसके बावजूद, दवा कंपनियों को 2021 के उइगुर ज़बरन श्रम रोकथाम अधिनियम (Uyghur Forced Labor Prevention Act) के तहत अन्य उद्योगों की तरह सख्त प्रतिबंधों का सामना नहीं करना पड़ा। इस कानून का उद्देश्य शिनजियांग से आने वाले उत्पादों पर रोक लगाना है, जब तक यह साबित न हो जाए कि वे जबरन श्रम से जुड़े नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि निगरानी की कमी के कारण अमेरिकी सांसदों ने भी चिंता जताई है। अमेरिकी प्रतिनिधि John Moolenaar ने FDA से इन ट्रायल्स की जांच की मांग की है और कहा है कि जबरन मेडिकल परीक्षणों के बावजूद कंपनियों को इस डेटा का उपयोग करने की अनुमति मिल रही है। 
 

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