Edited By Pardeep,Updated: 01 May, 2026 10:20 PM

चीन की एक अदालत ने एक 14 वर्षीय किशोर को अपनी ही सहपाठी के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला दक्षिण-पश्चिम चीन के यून्नान प्रांत के क्विजिंग शहर का है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
बीजिंग: चीन की एक अदालत ने एक 14 वर्षीय किशोर को अपनी ही सहपाठी के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला दक्षिण-पश्चिम चीन के यून्नान प्रांत के क्विजिंग शहर का है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
दरिंदगी की सारी हदें पार
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी छात्र जियांग, जो क्विजिंग के लूपिंग काउंटी के माजी कस्बे का रहने वाला है, ने पिछले साल जुलाई में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। उसने अपनी 15 वर्षीय सहपाठी को बंधक बनाया और बेरहमी से पिटाई करने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया।
पकड़े जाने के डर से उतारा मौत के घाट
क्विजिंग स्थित 'इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट' ने इस सप्ताह की शुरुआत में फैसला सुनाते हुए बताया कि जियांग ने अपना अपराध उजागर होने के डर से लड़की की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियुक्त ने दुष्कर्म और हत्या जैसे संगीन अपराधों को जानबूझकर अंजाम दिया, जो बेहद जघन्य श्रेणी में आते हैं।
कानूनी प्रावधानों के कारण बची जान
अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता और इसके परिणामों को देखते हुए आरोपी को कानून के अनुसार कड़ी सजा देना आवश्यक है। हालांकि, चूंकि जियांग की उम्र 18 वर्ष से कम है, इसलिए चीनी कानून के तहत उसे मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता था, जिसके चलते उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी
मामले की जानकारी के अनुसार, जियांग को पिछले साल 8 जुलाई को हिरासत में लिया गया था और 22 जुलाई को उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले ने चीन में किशोर न्याय प्रणाली और कम उम्र में बढ़ रहे गंभीर अपराधों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।