Edited By Pardeep,Updated: 01 May, 2026 10:49 PM

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मई 2026 के लिए अपना मासिक पूर्वानुमान जारी कर दिया है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आया है।, जहाँ एक ओर कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ने वाला है, वहीं दूसरी ओर मानसून...
नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मई 2026 के लिए अपना मासिक पूर्वानुमान जारी कर दिया है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए मिली-जुली खबर लेकर आया है।, जहाँ एक ओर कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ने वाला है, वहीं दूसरी ओर मानसून को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है।
इन राज्यों में झुलसाएगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, मई के महीने में गुजरात, महाराष्ट्र, पूर्वी तटीय राज्यों और हिमालय के तराई क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चलने की प्रबल संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, जिससे रातें भी गर्म हो सकती हैं। हालांकि, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की उम्मीद है।
मानसून की जल्द दस्तक और बारिश का अलर्ट
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि इस बार दक्षिण-पश्चिमी मानसून 14-16 मई के आसपास अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मई के दौरान पूरे देश में औसत वर्षा सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश देखी जा सकती है।
उत्तर भारत और राजस्थान के लिए राहत की खबर
- दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी में अगले एक सप्ताह तक बादलों की आवाजाही से गर्मी से राहत बनी रहेगी। विशेष रूप से 4 और 5 मई को तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
- राजस्थान: राज्य के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई ओलावृष्टि के बाद मौसम विभाग ने 1 से 6 मई तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर सहित कई संभागों में मौसम विभाग का अलर्ट जारी है।
- पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र: उत्तर-पश्चिमी मैदानों और मध्य भारत में 3 से 7 मई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
अल नीनो (El Niño) पर अपडेट मौसम विभाग मानसून के दौरान अल नीनो की स्थितियों के विकसित होने पर भी नजर रखे हुए है। वर्तमान में स्थितियां तटस्थ हैं, लेकिन मानसून के दौरान प्रशांत महासागर में पानी के गर्म होने की प्रक्रिया (अल नीनो) शुरू हो सकती है, जिसका असर भविष्य के मौसम पर पड़ सकता है।