Edited By Tanuja,Updated: 14 Apr, 2026 12:05 PM

हॉर्मुज़ संकट पर चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह उसके मामलों में दखल न दे। रक्षा मंत्री डोंग जुन ने कहा कि चीन ईरान के साथ अपने ऊर्जा और व्यापार समझौतों को जारी रखेगा। वहीं अमेरिकी नाकेबंदी से तेल बाजार और वैश्विक तनाव बढ़ गया है।
International Desk: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच चीन ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। चीन के रक्षा मंत्री Dong Jun ने साफ कहा कि उनका देश अपने हितों में किसी भी बाहरी दखल को स्वीकार नहीं करेगा और ईरान के साथ अपने व्यापार और ऊर्जा समझौतों का सम्मान करता रहेगा।
यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का आदेश दिया है। इस कदम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, और कई देशों के जहाज़ों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
चीन ने स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz में ईरान का प्रभाव है और यह जलमार्ग चीन के लिए खुला रहना चाहिए। डोंग जुन ने कहा कि चीन के जहाज़ इस रास्ते से लगातार आ-जा रहे हैं और वह अपने ऊर्जा समझौतों को हर हाल में जारी रखेगा।उन्होंने यह भी कहा कि चीन को उम्मीद है कि अन्य देश उसके मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच, अमेरिका की नाकेबंदी को लेकर कई देशों ने नाराजगी जताई है। स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्लेस ने इसे “बेमतलब” बताया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि जलमार्ग सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए और उन्हें नाकेबंदी में शामिल होने का कोई अनुरोध नहीं मिला है। तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी क्रूड भी 104 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हॉर्मुज़ में तनाव जारी रहा, तो ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। दूसरी ओर, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इससे यह आशंका बढ़ गई है कि युद्धविराम टूट सकता है और संघर्ष फिर से शुरू हो सकता है। समुद्री सुरक्षा एजेंसी United Kingdom Maritime Trade Operations ने जहाज़ों को चेतावनी दी है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ सकती हैं और उन्हें सतर्क रहना चाहिए।कुल मिलाकर, हॉर्मुज़ अब वैश्विक तनाव का केंद्र बन चुका है, जहां अमेरिका, चीन और ईरान के बीच टकराव का खतरा लगातार बढ़ रहा है।