Edited By Tanuja,Updated: 14 Apr, 2026 12:42 PM

चीन एवरग्रांडे के संस्थापक हुई का यान ने धोखाधड़ी, रिश्वत और अवैध फंड जुटाने जैसे आरोपों को अदालत में स्वीकार कर लिया है। कंपनी पहले ही 300 अरब डॉलर के कर्ज में डूबी थी। यह मामला चीन की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर के बड़े संकट को दर्शाता है।
Bejing: चीन की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी China Evergrande Group के संस्थापक Hui Ka Yan (जिन्हें शू जियायिन भी कहा जाता है) ने अदालत में कई गंभीर आरोपों को स्वीकार कर लिया है। चीन की एक अदालत के अनुसार, हुई का यान ने धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी, अवैध रूप से जनता से पैसा जुटाने और फंड के गलत इस्तेमाल जैसे आरोपों में खुद को दोषी माना है। उन्हें सितंबर 2023 में हिरासत में लिया गया था और अब अदालत ने कहा है कि अंतिम फैसला बाद में सुनाया जाएगा।
मुकदमे के दौरान हुई ने अदालत में अपने किए पर पछतावा भी जताया। उनके खिलाफ अवैध लोन देने, नियमों के खिलाफ संवेदनशील जानकारी साझा करने और वित्तीय गड़बड़ियों जैसे कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। एवरग्रांडे कभी दुनिया की सबसे ज्यादा कर्ज में डूबी रियल एस्टेट कंपनी थी, जिस पर 300 अरब डॉलर से ज्यादा की देनदारी थी। 2024 में हांगकांग की अदालत ने कंपनी को खत्म (लिक्विडेशन) करने का आदेश दिया था, और 2025 में इसके शेयर स्टॉक एक्सचेंज से हटा दिए गए।
यह कंपनी 1990 के दशक में शुरू हुई थी और चीन के रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी से बढ़ी। लेकिन 2020 में सरकार द्वारा कर्ज पर सख्ती करने के बाद एवरग्रांडे समेत कई कंपनियां वित्तीय संकट में फंस गईं। इस संकट का असर सिर्फ कंपनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे चीन की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव पड़ा। रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को हिला दिया और वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी चिंता बढ़ा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि एवरग्रांडे केस चीन के रियल एस्टेट बबल के फूटने का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने पूरे सेक्टर की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।