Edited By Tanuja,Updated: 20 May, 2026 05:03 PM

अमेरिका में चीन की कथित “गुप्त पुलिस चौकी” चलाने के आरोपी लू जियानवांग को न्यूयॉर्क की अदालत ने दोषी ठहराया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार वह मैनहट्टन के चाइनाटाउन में चीनी सरकार के निर्देश पर असंतुष्टों की निगरानी करता था। यह मामला चीन के वैश्विक...
International Desk: अमेरिका में चीन की कथित “गुप्त पुलिस स्टेशन” चलाने के मामले में बड़ा फैसला आया है। न्यूयॉर्क की अदालत ने 64 वर्षीय लू जियानवांग को चीन के लिए अवैध विदेशी एजेंट के रूप में काम करने और न्याय में बाधा डालने का दोषी ठहराया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, लू जियानवांग ने मैनहट्टन के चाइनाटाउन इलाके में एक ऐसा केंद्र बनाया था, जिसे आधिकारिक तौर पर चीनियों की ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी मदद के लिए बताया जाता था, लेकिन असल में उसका इस्तेमाल चीन विरोधी कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थकों की निगरानी के लिए किया जा रहा था।
अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने अदालत में दावा किया कि यह केंद्र चीन की “ट्रांसनेशनल रिप्रेशन” यानी विदेशों में रह रहे आलोचकों को डराने और नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा था। अदालत में पेश किए गए सबूतों में लू की चीन के सरकारी अधिकारियों के साथ तस्वीरें, वीचैट संदेश और चीन के सुरक्षा अधिकारियों के साथ संपर्क शामिल थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, चीनी सुरक्षा अधिकारी लू से अमेरिका में रहने वाले चीन विरोधी एक्टिविस्ट्स की जानकारी मांगते थे।
एफबीआई एजेंटों ने सुनवाई के दौरान एक बैनर भी अदालत में दिखाया, जिस पर लिखा था: “Fuzhou Police Overseas Service Station, New York, U.S.A.”सरकार का आरोप है कि लू जियानवांग ने 2022 में एफबीआई की छापेमारी से ठीक पहले अपने फोन से वीचैट संदेश डिलीट कर दिए थे, जिसे अदालत ने न्याय में बाधा डालने का मामला माना। हालांकि बचाव पक्ष ने कहा कि लू सिर्फ अपने समुदाय की मदद कर रहे थे और यह मामला “जासूसी नहीं बल्कि लाइसेंस रिन्यूअल” का था। यह मामला अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। अमेरिकी न्याय विभाग लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि चीन दुनिया भर में अपने आलोचकों की निगरानी और दबाव बनाने के लिए गुप्त नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। इस मामले में लू के सह-आरोपी चेन जिनपिंग पहले ही 2024 में दोष स्वीकार कर चुके हैं।