US पर ईरान का बड़ा हमला, तुर्किये में न्यूक्लियर बेस पर दागी मिसाइल

Edited By Updated: 13 Mar, 2026 07:42 PM

claims laid on aircraft carriers too is a major war about to erupt in the middle

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और ईरान अब सीधे अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने तुर्किये के इंसर्लिक एयरबेस की ओर मिसाइल दागी है, जिसे लेकर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। तुर्किये के...

नेशनल डेस्क : मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और ईरान अब सीधे अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने तुर्किये के इंसर्लिक एयरबेस की ओर मिसाइल दागी है, जिसे लेकर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले को लेकर ईरान के साथ संपर्क किया जा रहा है।

इंसर्लिक एयरबेस पर मिसाइल से हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की मिसाइल तुर्किये के इंसर्लिक एयरबेस की ओर बढ़ रही थी। यह वही एयरबेस है जहां अमेरिका के टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियार रखे जाने की बात कही जाती है। हालांकि पूर्वी मेडिटेरेनियन क्षेत्र में NATO के एयर डिफेंस सिस्टम ने इस मिसाइल को रास्ते में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर भी हमला का दावा

इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC ने दावा किया है कि उसने ओमान सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया है। IRGC का कहना है कि मिसाइल हमले के बाद यह कैरियर पीछे हट गया। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि इस तरह का कोई हमला नहीं हुआ है।

तीन NATO ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान ने एक साथ तीन NATO ठिकानों को निशाना बनाने का दावा भी किया है। बताया जा रहा है कि दुबई में भी हमले की कोशिश की गई। इन हमलों को देखते हुए अमेरिका ने यूरोप में तैनात अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मिडिल ईस्ट की ओर भेज दिया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान की एक बैलिस्टिक मिसाइल को मेडिटेरेनियन में ही नष्ट कर दिया गया।

बड़े युद्ध की तैयारी में NATO

उधर अमेरिका और उसके सहयोगियों की तरफ से भी सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान के वरमिन इलाके और पूर्वी तेहरान के कमांड मुख्यालय पर भी हमले किए गए हैं। वहीं NATO ने संभावित बड़े संघर्ष को देखते हुए युद्ध स्तर की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जर्मनी में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास चल रहा है, जिसमें घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने के लिए मेडिकल इवैक्युएशन ड्रिल की जा रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इसे सबसे बड़ा मेडिकल एक्सरसाइज बताया जा रहा है।

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