Edited By Tanuja,Updated: 25 Mar, 2026 05:50 PM

ईरान संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने अमेरिका को चेतावनी दी “हमारी ताकत को मत आजमाओ।” Donald Trump के बातचीत के दावों के बीच तेहरान ने साफ किया कि सैन्य जवाब देने में कोई हिचक नहीं होगी।
International Desk:मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिका को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने कहा है कि तेहरान क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है और किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब दिया जाएगा। गालीबाफ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसके सैनिक “नेतन्याहू के इशारे पर चल रहे हैं। उनका कहना था कि अमेरिकी सैनिक नेतन्याहू की गलत सोच” का शिकार हो चुके है। जो गलतियां बड़े जनरलों ने की हैं, उनका खामियाजा अब सैनिकों को भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी “हमारी जमीन की रक्षा के संकल्प को मत परखो।” यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका Pentagon के जरिए 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 1,500 सैनिकों की तैनाती हो सकती है। यह घटनाक्रम Donald Trump के उस दावे के बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है और युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। ट्रंप ने यहां तक दावा किया कि अमेरिका ने “जंग जीत ली” है और ईरान पूरी तरह कमजोर हो चुका है।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका “खुद से ही बातचीत कर रहा है” और उसकी “रणनीतिक ताकत अब हार में बदल चुकी है।” इस बीच, ईरान ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत मिसाइल हमले जारी रखे हैं, जिससे साफ है कि जमीनी स्तर पर तनाव कम होने के बजाय और बढ़ रहा है। फिलहास हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। एक तरफ अमेरिका बातचीत की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान लगातार सैन्य चेतावनियां और हमले कर रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल शांति की राह आसान नहीं है।