Edited By Pardeep,Updated: 09 May, 2026 11:05 PM

यूरोपीय देश हंगरी में एक बड़ा ऐतिहासिक उलटफेर हुआ है। पीटर मग्यार ने शनिवार को हंगरी के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है, जिसके साथ ही विक्टर ओरबन का 16 साल पुराना सत्ता पर दबदबा खत्म हो गया है। पीटर मग्यार की केंद्र-दक्षिणपंथी 'तिस्ज़ा' (Tisza)...
बुडापेस्ट: यूरोपीय देश हंगरी में एक बड़ा ऐतिहासिक उलटफेर हुआ है। पीटर मग्यार ने शनिवार को हंगरी के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है, जिसके साथ ही विक्टर ओरबन का 16 साल पुराना सत्ता पर दबदबा खत्म हो गया है। पीटर मग्यार की केंद्र-दक्षिणपंथी 'तिस्ज़ा' (Tisza) पार्टी ने ओरबन की राष्ट्रवादी 'फिडेज़' पार्टी को करारी शिकस्त देते हुए यह शानदार जीत हासिल की है।
जनता ने चुना बदलाव, 'राज' नहीं 'सेवा' करेंगे मग्यार
शपथ ग्रहण के बाद संसद में सांसदों को संबोधित करते हुए मग्यार ने बेहद भावुक और सशक्त भाषण दिया। उन्होंने कहा, "मैं यहाँ हंगरी पर राज करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिए खड़ा हूँ"। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहाँ इसलिए हैं क्योंकि लाखों हंगरीवासियों ने बदलाव का फैसला किया है और यह विश्वास उनके लिए एक नैतिक जिम्मेदारी है। मग्यार ने ओरबन के शासन के दौरान कमजोर हुए लोकतांत्रिक संस्थानों और सरकारी नियंत्रण प्रणालियों को फिर से बहाल करने का संकल्प लिया है।
संसद में ऐतिहासिक बहुमत, विपक्षी खेमे में खलबली
हंगरी की 199 सीटों वाली संसद में अब मग्यार की पार्टी का पूर्ण वर्चस्व है। तिस्ज़ा पार्टी के पास अब 141 सीटें हैं, जबकि ओरबन की गठबंधन पार्टी मात्र 52 सीटों पर सिमट गई है। यह हंगरी के पोस्ट-कम्युनिस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है। खास बात यह है कि 1990 के बाद यह पहली बार है जब विक्टर ओरबन संसद का हिस्सा नहीं हैं।
यूरोपीय संघ (E.U.) से सुधरेंगे रिश्ते, 10 साल बाद लहराया झंडा
पीटर मग्यार की जीत के साथ ही हंगरी और यूरोपीय संघ के बीच कड़वाहट खत्म होने की उम्मीद जगी है। शनिवार दोपहर को संसद भवन पर 10 साल बाद फिर से यूरोपीय संघ का झंडा लहराया गया, जिसे ओरबन सरकार ने 2014 में हटा दिया था। मग्यार की शीर्ष प्राथमिकताओं में ईयू के उन 17 बिलियन यूरो (लगभग 20 बिलियन डॉलर) के फंड को अनलॉक करना है, जिन्हें भ्रष्टाचार और कानून के शासन की चिंताओं के कारण फ्रीज कर दिया गया था।
भ्रष्टाचारियों पर नकेल की तैयारी: बनेगा 'राष्ट्रीय संपत्ति बहाली कार्यालय'
नए प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि पिछली सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का पूरा हिसाब लिया जाएगा। इसके लिए एक 'राष्ट्रीय संपत्ति बहाली और संरक्षण कार्यालय' (National Asset Recovery and Protection Office) बनाने की योजना है। मग्यार ने दो टूक शब्दों में कहा कि न्याय के बिना कोई मेल-मिलाप नहीं हो सकता और अतीत का सामना किए बिना कोई नई शुरुआत मुमकिन नहीं है।
महिला शक्ति का उदय
इस बार हंगरी की नई नेशनल असेंबली में 54 महिला सांसद पहुँची हैं, जो हंगरी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इनमें से अधिकांश महिलाएं तिस्ज़ा पार्टी से हैं। जनता का मानना है कि अब महिलाएं इस नई लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश की खुशहाली में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकेंगी।