Edited By Pardeep,Updated: 29 Apr, 2026 05:27 AM

अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ (Semiquincentennial) के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया और विवादास्पद अंदाज देखने को मिलने वाला है। व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका जल्द ही एक सीमित संख्या में ऐसे पासपोर्ट जारी करेगा,...
वाशिंगटन: अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ (Semiquincentennial) के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया और विवादास्पद अंदाज देखने को मिलने वाला है। व्हाइट हाउस ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका जल्द ही एक सीमित संख्या में ऐसे पासपोर्ट जारी करेगा, जिन पर राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर अंकित होगी।
स्वर्ण अक्षरों में होंगे ट्रंप के हस्ताक्षर
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी डिजाइन के अनुसार, इन नए 'देशभक्ति' पासपोर्ट में ट्रंप की छवि के साथ-साथ अमेरिका की आजादी के घोषणापत्र का टेक्स्ट और अमेरिकी झंडा भी होगा। सबसे खास बात यह है कि इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर सुनहरे रंगों (Gold Signature) में चमकेंगे। हालांकि, ये पासपोर्ट फिलहाल केवल वाशिंगटन पासपोर्ट एजेंसी पर ही उपलब्ध होंगे।
नोटों और सिक्कों पर भी ट्रंप का कब्जा
सिर्फ पासपोर्ट ही नहीं, ट्रंप प्रशासन सरकारी प्रतीकों पर अपनी छाप छोड़ने की पूरी तैयारी में है। खबरों के मुताबिक:
- गोल्ड कॉइन: अमेरिकी मिंट ट्रंप की तस्वीर वाला एक स्मारक सोने का सिक्का जारी करने की योजना बना रहा है।
- करेंसी नोट: ट्रंप पहले ऐसे मौजूदा राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं, जिनके हस्ताक्षर अमेरिकी बैंक नोटों (currency notes) पर दिखाई देंगे।
- आर्क डी ट्रंप: वाशिंगटन डीसी में 250 फीट ऊंचा एक 'विजय द्वार' (Victory Arch) बनाने की योजना है, जिसे 'आर्क डी ट्रंप' नाम दिया गया है।
विवादों के घेरे में 'ट्रंप' नाम की ब्रांडिंग
राष्ट्रपति की इस 'ब्रांडिंग' मुहिम का अमेरिका में कड़ा विरोध भी शुरू हो गया है। हाल ही में मशहूर 'केनेडी सेंटर' का नाम बदलकर 'ट्रंप-केनेडी सेंटर' करने के फैसले की पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी के परिवार ने तीखी निंदा की है।
यही नहीं, व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को गिराकर वहां बॉलरूम बनाने के ट्रंप के फैसले पर भी कानूनी तलवार लटक गई है। 'नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन' ने व्हाइट हाउस पर मुकदमा कर दिया है, क्योंकि नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य शुरू किया गया। जनता और संरक्षणवादी समूहों की नाराजगी के बावजूद, व्हाइट हाउस का कहना है कि यह सब राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।