Edited By Tanuja,Updated: 16 Sep, 2026 02:47 PM

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और चैटबॉट इस्तेमाल पर रोक का प्रस्ताव रखा है। 13-15 वर्ष के बच्चों के लिए अभिभावक निगरानी वाले खाते सुझाए गए हैं। प्रस्ताव पर यूरोपीय संघ के 27...
Brussels: बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर यूरोप अब बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने बुधवार को स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संघ के वार्षिक ‘स्टेट ऑफ द यूरोपियन यूनियन’ संबोधन के दौरान बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेम और चैटबॉट का इस्तेमाल करने से रोकने की योजना है। इसके अलावा 13 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए अभिभावकों की निगरानी में चलने वाले विशेष ‘मिनी अकाउंट’ बनाने का सुझाव दिया गया है। उर्सुला ने कहा कि बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की ताकत को अजेय मानकर स्वीकार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बच्चों को आकर्षित करने वाली ऐसी सुविधाओं पर सवाल उठाया, जो उन्हें अत्यधिक इस्तेमाल की ओर ले जा सकती हैं।
उन्होंने बच्चों के अत्यधिक और खतरनाक सामग्री के संपर्क में आने तथा लड़कियों की तस्वीरों का कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए यौन रूप से आपत्तिजनक तस्वीरों में इस्तेमाल किए जाने का भी मुद्दा उठाया। अब यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों को इस प्रस्ताव पर मतदान करना होगा। यदि प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो इसका असर यूरोप में सोशल मीडिया कंपनियों के कामकाज और बच्चों की ऑनलाइन पहुंच के नियमों पर पड़ सकता है। यूरोप का यह प्रस्ताव अमेरिका के साथ तकनीकी नियमों को लेकर पहले से चल रही तनातनी को और बढ़ा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से यूरोप के कड़े तकनीकी नियमों की आलोचना करते रहे हैं। उर्सुला ने इस योजना की दिशा की झलक इसी साल पहले भी दी थी। उन्होंने तब कहा था कि बच्चों को सोशल मीडिया से धीरे-धीरे और चरणबद्ध तरीके से परिचित कराया जाना चाहिए। बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए दुनियाभर में सोशल मीडिया की न्यूनतम उम्र तय करने को लेकर बहस चल रही है।
यूरोप के कुछ देशों के साथ ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी किशोरों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को सीमित करने के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि, ऐसे प्रयासों को कानूनी चुनौतियां भी मिली हैं। फ्रांस की शीर्ष अदालत ने पिछले महीने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले कानून को खारिज कर दिया था। अदालत ने इसे मौलिक स्वतंत्रताओं में हस्तक्षेप माना। इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रस्ताव को दोबारा तैयार करने की बात कही। अमेरिका में भी सोशल मीडिया कंपनियों पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ रहा है। पिछले महीने मेटा प्लेटफॉर्म्स ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करने पर सहमति जताई थी।
यह समझौता किशोरों में सोशल मीडिया की कथित लत से जुड़े मुकदमे और लगभग सभी अमेरिकी राज्यों की ओर से दायर दावों के बीच हुआ। उर्सुला के भाषण के बाद यूरोपीय संसद के सबसे बड़े राजनीतिक समूह के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने भी सोशल मीडिया के एल्गोरिदम को लेकर बड़ा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ को ऑस्ट्रेलिया की तरह नागरिकों को सोशल मीडिया के एल्गोरिदम बंद करने का विकल्प देना चाहिए। उन्होंने यह बात एलन मस्क के संदर्भ में कही और संकेत दिया कि सोशल मीडिया कंपनियों की आपत्ति के बावजूद ऐसे कदमों पर विचार किया जाना चाहिए।