Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Sep, 2026 04:13 PM

कोलकाता के सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेजमें अचानक भारी हंगामा खड़ा हो गया है। कॉलेज की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि कैंपस परिसर के दो कमरों को पढ़ाई-लिखाई से अलग गतिविधियों के लिए 'OYO रूम' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके साथ ही स्थानीय तृणमूल कांग्रेस...
कोलकाता : कोलकाता के सुरेंद्रनाथ लॉ कॉलेजमें अचानक भारी हंगामा खड़ा हो गया है। कॉलेज की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि कैंपस परिसर के दो कमरों को पढ़ाई-लिखाई से अलग गतिविधियों के लिए 'OYO रूम' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके साथ ही स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता ने छात्राओं को धमकाया और उन पर दबाव डाला।
ये आरोप लॉ की छठे सेमेस्टर की छात्रा नीलांजना भट्टाचार्य ने लगाए, जो कॉलेज में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि जिन कमरों में बिस्तर, तकिए और अटैच्ड बाथरूम थे, उनका इस्तेमाल 'OYO रूम' की तरह किया जा रहा था। नीलांजना भट्टाचार्य ने देबाशीष बनर्जी पर ये आरोप लगाए, जिन्हें 'कान काटा देबू' के नाम से जाना जाता है। वे कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट और TMC के स्थानीय नेता हैं।
विरोध कर रहे छात्रों की ओर से बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीलांजना भट्टाचार्य ने कहा कि हमारे कॉलेज के अंदर OYO रूम हैं। हमारी पढ़ाई के लिए दिए गए पैसों का इस्तेमाल इन कमरों को बनाने में किया गया। हमसे बार-बार समझौता करने के लिए कहा गया। हमें धमकाया गया। दरअसल, ये दावे कॉलेज में अटेंडेंस की ज़रूरतों को लेकर हुए विवाद के दौरान छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सामने आए।
छात्रों के आरोप के मुताबिक, कम अटेंडेंस की वजह से उन्हें फाइनल एग्जाम में बैठने से रोका गया। इसके बाद, RSS से जुड़े ABVP के सदस्य भी कॉलेज कैंपस में 'OYO रूम' के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो गए। विरोध-प्रदर्शन के बीच तब हंगामा हुआ जब कॉलेज की वाइस-प्रिंसिपल मोहम्मदी तरन्नुम ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, बाद में तरन्नुम ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इस्तीफा नहीं दिया था और दावा किया कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। इसके बाद वे कॉलेज लौट आईं।
वाइस-प्रिंसिपल को गला काटने और बेटे का अपहरण करने की धमकी
वाइस-प्रिंसिपल ने बातचीत में कहा कि किसी भी छात्रा ने उन्हें लिखित शिकायत नहीं दी थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने खुद राज्य महिला आयोग से जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि TMC नेता देबाशीष बनर्जी ने उन्हें सड़क पर गला काटने और उनके बेटे का अपहरण करने की धमकी दी थी।
तरन्नुम ने कहा कि उन्हें कॉलेज के अंदर मौजूद उन दो कमरों के बारे में पता था जिनमें बिस्तर और तकिए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया था कि ये कमरे कॉलेज में सेमिनार में आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए थे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनके अंदर क्या हो रहा था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।