आंग सान सू ची के बेटे की म्यांमार सेना को खुली चुनौती, "अगर मां जिंदा हैं तो सबूत दो"

Edited By Updated: 29 Jun, 2026 03:55 PM

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म्यांमार की नजरबंद लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची के बेटे किम एरिस ने सैन्य सरकार से उनकी जीवित होने का सबूत देने की मांग की है। उन्होंने जुंटा के हाउस अरेस्ट के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी मां अब भी जेल में हो सकती हैं और उनकी सेहत...

International Desk: म्यांमार की लोकतंत्र समर्थक नेता और 1991 के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची के बेटे किम एरिस ने म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा) से उनकी मां के जीवित होने का ठोस प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने सैन्य सरकार के उस दावे पर गंभीर सवाल उठाए हैं जिसमें कहा गया था कि सू ची की सजा कम कर उन्हें जेल से निकालकर हाउस अरेस्ट में रखा गया है। लंदन में रहने वाले 48 वर्षीय किम एरिस ने जापानी समाचार एजेंसी क्योडो न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि उन्हें अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि उनकी मां को जेल से किसी घर में स्थानांतरित किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनकी 80 से अधिक वर्ष की मां अब भी राजधानी नेपीडॉ की जेल में ही बंद हैं।  म एरिस ने कहा, "अगर मेरी मां जीवित हैं तो सैन्य सरकार इसका प्रमाण पेश करे।" किम एरिस के अनुसार उन्हें पूर्व कैदियों से मिली जानकारी से पता चला है कि जिस जेल में उनकी मां के होने की आशंका है, वहां की परिस्थितियां बेहद खराब हैं। उन्होंने बताया कि सू ची को हृदय संबंधी बीमारी, ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी), और बढ़ती उम्र से जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं। उनके मुताबिक उन्हें जो भी खबरें मिलती हैं, उनमें यही बताया जाता है कि उनकी मां की तबीयत लगातार बिगड़ रही है।

 

किम एरिस ने बताया कि उनकी मां से उनका आखिरी सीधा संपर्क दो वर्ष से अधिक पहले मिला एक पत्र था। इसके बाद उन्हें न तो मिलने की अनुमति मिली और न ही कोई प्रत्यक्ष संवाद हो सका। 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से सू ची हिरासत में हैं। फरवरी 2021 में म्यांमार की सेना ने लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट कर सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर कई मामलों में दोषी ठहराया गया और लंबी सजा सुनाई गई। अप्रैल 2026 में जुंटा ने दावा किया था कि उनकी सजा घटाकर लगभग 17 वर्ष कर दी गई है और उन्हें हाउस अरेस्ट में स्थानांतरित किया गया है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

किम एरिस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार की सैन्य सरकार पर दबाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से जुंटा को एविएशन फ्यूल (विमान ईंधन) की आपूर्ति रोकने का आह्वान किया, ताकि सेना द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि म्यांमार में जारी गृहयुद्ध के बीच नागरिकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस कदम उठाना जरूरी है। अपनी मां की रिहाई की मांग को वैश्विक स्तर पर उठाने के लिए किम एरिस ने हाल ही में उनकी 81वीं वर्षगांठ पर 81 किलोमीटर की स्केटबोर्ड मैराथन पूरी की। इसके अलावा वे जापान सहित कई देशों की यात्रा कर सरकारों से सू ची की रिहाई के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। 

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