ब्रिटेन में बड़ा ड्रग्स नेटवर्क चला रहे थे 3 पंजाबी; मैजिस्ट्रेट भी निकला रैकेट का हिस्सा, ऐसे खुला राज

Edited By Updated: 29 Jun, 2026 01:27 PM

3 punjab origin men jailed for running drugs network in uk

ब्रिटेन में पंजाब मूल के तीन लोगों को हेरोइन और क्रैक कोकीन तस्करी के संगठित नेटवर्क को चलाने का दोषी ठहराते हुए कुल 22 साल की सजा सुनाई गई है। जांच में कॉल रिकॉर्ड, फोरेंसिक साक्ष्य और मोबाइल डेटा से नेटवर्क का खुलासा हुआ। एक दोषी उस समय मजिस्ट्रेट...

London: ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस (Metropolitan Police) की एक लंबी जांच के बाद पंजाब मूल के तीन लोगों को हेरोइन और क्रैक कोकीन की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का संचालन करने का दोषी ठहराया गया है। क्रॉयडन क्राउन कोर्ट ने तीनों को मिलाकर 22 वर्ष से अधिक की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने पुरशोतम ढिल्लों (59) को 7 वर्ष की जेल, हरदीप थिंद उर्फ हैरी सिंह (48) को 12 वर्ष 6 महीने,  बिक्रमजीत बराड़ (46) को 3 वर्ष 4 महीने की सजा सुनाई।  तीनों को पश्चिमी लंदन में हेरोइन और क्रैक कोकीन की सप्लाई करने वाले संगठित ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा पाया गया।


 

मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, पुरशोतम ढिल्लों गिरफ्तारी के समय सेवारत मैजिस्ट्रेट (Magistrate) थे। जांच में सामने आया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ड्रग्स नेटवर्क को सहायता पहुंचाई। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर मार्क गैविन ने कहा, "एक मजिस्ट्रेट के रूप में ढिल्लों ने जनता के विश्वास को गंभीर रूप से तोड़ा। यह मामला दिखाता है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।" पुलिस ने अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच संचालित इस नेटवर्क का पर्दाफाश कॉल डेटा रिकॉर्ड, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल फोन डाउनलोड और डिजिटल जांच के आधार पर किया। जांच में पता चला कि गिरोह ने हेरोइन और क्रैक कोकीन की 1 लाख पाउंड (लगभग 1.24 करोड़ रुपये) से अधिक कीमत की खेप लंदन के विभिन्न इलाकों में सप्लाई की। जांच में सामने आया कि हरदीप थिंद पहले से ही हेरोइन, कोकीन की तस्करी और प्रतिबंधित स्कॉर्पियन सब-मशीन गन रखने के मामले में 17 साल की सजा काट रहा था।

 

खुली जेल (Open Prison) में रहने के दौरान उसने अवैध मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर जेल के भीतर से ही ड्रग्स नेटवर्क का संचालन जारी रखा। अक्टूबर 2024 में रिहा होने के बाद उसने पश्चिमी लंदन के हेज़ (Hayes) और साउथॉल (Southall) क्षेत्रों में नेटवर्क को और विस्तार दिया। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार  गिरोह में जिम्मेदारियां बंटी हुई थीं ।  हरदीप थिंद गिरोह का सरगना था और पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। पुरशोतम ढिल्लों ड्रग्स, नकदी और उपकरण छिपाकर रखता था जबकि  बिक्रमजीत बराड़ ड्रग्स को सुरक्षित रखने और सप्लाई करने का काम करता था। एक अन्य सहयोगी, लिंच, संदेश पहुंचाने और ड्रग्स की डिलीवरी कराने का काम करता था। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति भी यदि अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

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