इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह की हथियार फैक्ट्री पर किया कब्जा, सैंकड़ों ड्रोन और 8 टन विस्फोटक बरामद

Edited By Updated: 22 Jun, 2026 06:45 PM

israeli troops uncover hezbollah s underground drone factory in lebanon

इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में एक पहाड़ के भीतर छिपी हिजबुल्लाह की कथित भूमिगत ड्रोन फैक्ट्री का पता लगाने का दावा किया है। सेना के अनुसार, यहां ईरानी पुर्जों से ड्रोन तैयार किए जाते थे। परिसर से ड्रोन, विस्फोटक सामग्री और लॉन्चिंग सिस्टम...

International Desk:  मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सीमा के निकट एक पहाड़ के भीतर छिपी हिजबुल्लाह की विशाल भूमिगत ड्रोन उत्पादन और लॉन्चिंग सुविधा का पता लगाया है। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, इस परिसर का इस्तेमाल ईरान से लाए गए पुर्जों की मदद से ड्रोन तैयार करने और उन्हें इजरायल की ओर भेजने के लिए किया जाता था। इजरायली सेना के मुताबिक यह भूमिगत सुविधा दक्षिणी लेबनान के मजदल जौन क्षेत्र के नीचे स्थित है और इजरायली सीमा से लगभग छह किलोमीटर दूर है। सेना का कहना है कि हाल ही में चलाए गए सैन्य अभियान के दौरान इस क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करने के बाद इस नेटवर्क का पता चला। अधिकारियों के अनुसार, सुरंगों का यह जाल पहाड़ के भीतर सैकड़ों मीटर तक फैला हुआ था और जमीन से लगभग 29 मीटर की गहराई तक जाता था। परिसर को भारी स्टील के विस्फोटरोधी दरवाजों और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से सुरक्षित बनाया गया था।

 

ड्रोन असेंबली यूनिट और हथियारों का जखीरा
IDF का दावा है कि परिसर के भीतर कई कमरे ऐसे मिले जहां कथित रूप से ईरान निर्मित पुर्जों को जोड़कर ड्रोन तैयार किए जाते थे। सेना ने बताया कि यहां से लगभग 50 ड्रोन बरामद किए गए, जिनमें से कई विस्फोटक ले जाने में सक्षम थे। इसके अलावा परिसर में करीब आठ टन विस्फोटक सामग्री मिलने का भी दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद ड्रोन उन मॉडलों से मिलते-जुलते हैं जिनका इस्तेमाल पहले इजरायल पर हमलों में किया गया था।

 

इजरायल की ओर ड्रोन लॉन्च करने की व्यवस्था
सेना ने इस सुविधा को एक साथ ड्रोन फैक्ट्री और भूमिगत एयरबेस बताया है। आईडीएफ के अनुसार, पहाड़ के दक्षिणी हिस्से में विशेष लॉन्च शाफ्ट बनाए गए थे, जिनसे जरूरत पड़ने पर ड्रोन सीधे इजरायली क्षेत्र की ओर भेजे जा सकते थे। इजरायली इंजीनियरिंग इकाइयों का कहना है कि सुरंग के अंतिम हिस्से में कई निकास द्वार बनाए गए थे, जिन्हें विस्फोटरोधी दरवाजों से सुरक्षित रखा गया था।

 

परिसर को ध्वस्त करने की तैयारी
इजरायली अधिकारियों का आरोप है कि यह पूरा प्रोजेक्ट पिछले लगभग एक दशक में ईरान के वित्तीय, तकनीकी और सैन्य सहयोग से विकसित किया गया था। हालांकि, इन दावों पर हिजबुल्लाह या ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। IDF के अनुसार, पूरे सुरंग नेटवर्क की जांच और स्कैनिंग का काम पूरा कर लिया गया है। सेना का कहना है कि खुफिया जानकारी एकत्र करने के बाद इस पूरे भूमिगत परिसर को नष्ट कर दिया जाएगा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद सीमा क्षेत्र में तनाव और छिटपुट झड़पें जारी हैं। इस खोज से क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान समर्थित समूहों की सैन्य क्षमताओं को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
 

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