नीदरलैंड फिल्म महोत्सव में दिखाई गई चीन-तिब्बत और पाकिस्तान के मानवाधिकार मुद्दों पर फिल्में

Edited By Tanuja,Updated: 22 May, 2022 03:17 PM

human rights film festival held in the netherlands

नीदरलैंड की राजधानी  हेग में 19 मई को एक मानवाधिकार फिल्म समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले...

इंटरनेशनल डेस्कः नीदरलैंड की राजधानी  हेग में 19 मई को एक मानवाधिकार फिल्म समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन ग्लोबल ह्यूमन राइट्स डिफेंस (GHRD) ने कहा, "इन फिल्मों की स्क्रीनिंग विभिन्न देशों की स्थितियों  जहां मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है पर प्रकाश डालती है ।"

 

फिल्म समारोह में झिंजियांग, तिब्बत और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों और क्षेत्रों में मानवाधिकारों के मुद्दों से निपटने वाली कई फिल्में दिखाई गईं। फिल्म "फ्रॉम ज़िनयांग टू द नीदरलैंड्स" में एक महिला को दिखाया गया है जो उइगर एकाग्रता शिविरों से भाग गई थी। GHRD ने कहा, "जबरन नसबंदी जैसे अत्याचारों का  सामना करने वाली यह महिला प्रेस की स्वतंत्रता की अनुपस्थिति के कारण चीन में फोकस से बाहर है।"

 

"नेवर फॉरगेट तिब्बत" में दलाई लामा के 1959 में तिब्बत से भारत तक की अपनी यात्रा और पलायन का वर्णन किया गया है। यह फिल्म तिब्बत में मानवाधिकारों की चिंताओं को दर्शाती है। NGO ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान द्वारा बनाई गई एक अन्य फिल्म "लाइफ इन डार्कनेस" ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की व्यवस्थित गिरावट पर प्रकाश डाला गया ।

 

फिल्म में पाकिस्तान में दमन, उग्रवाद और कट्टरवाद पर प्रकाश डाला गया है जिसके कारण अल्पसंख्यकों का ह्रास हो रहा है।  फिल्म महोत्सव में  पैनल चर्चा का भी आयोजन हुआ जिसमें मुख्य रूप से छात्रों ने भाग लिया व मानव अधिकारों के मुद्दों को संबोधित करने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भूमिका पर विचार व्यक्त किए गए ।

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