Edited By Pardeep,Updated: 26 May, 2026 09:57 PM

ब्रिटेन के साउथैम्प्टन शहर में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 23 वर्षीय सिख युवक, विक्रम डिगवा पर आरोप है कि उसने 18 साल के फाइनेंस छात्र हेनरी नोवाक की 8 इंच लंबी कृपाण जैसी ब्लेड से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी।
इंटरनेशनल डेस्क: ब्रिटेन के साउथैम्प्टन शहर में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 23 वर्षीय सिख युवक, विक्रम डिगवा पर आरोप है कि उसने 18 साल के फाइनेंस छात्र हेनरी नोवाक की 8 इंच लंबी कृपाण जैसी ब्लेड से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि हत्या के बाद खुद को बचाने के लिए आरोपी ने 'नस्लवाद' (Racism) का झूठा सहारा लिया।
बेगुनाह छात्र ने हथकड़ी में तोड़ा दम, आरोपी बनाता रहा वीडियो
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 दिसंबर 2023 की रात को जब हेनरी अपनी पार्टी से लौट रहा था, तब विक्रम ने उस पर हमला किया। आरोप है कि जब हेनरी अपनी जान बचाने के लिए एक बाड़ फांदने की कोशिश कर रहा था और खून से लथपथ होकर मदद के लिए चिल्ला रहा था, तब विक्रम उसकी मरती हुई हालत का वीडियो बना रहा था। विडंबना यह रही कि मौके पर पहुंची पुलिस ने विक्रम की नस्लवादी टिप्पणियों की झूठी कहानी पर भरोसा कर लिया और मरते हुए हेनरी को ही गिरफ्तार कर लिया। हेनरी ने पुलिस की हथकड़ियों में ही दम तोड़ दिया।

12 साल की उम्र से ले रहा था हथियारों की ट्रेनिंग
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील निकोलस लोब्बेनबर्ग केसी ने बताया कि विक्रम डिगवा कोई नौसिखिया नहीं है। उसने खुद स्वीकार किया है कि वह 12 साल की उम्र से ही हथियारों की ट्रेनिंग ले रहा है। अभियोजक ने कहा कि विक्रम के बेडरूम में हथियारों का जखीरा (Arsenal) मिला है और वह फोन पर भी अक्सर हथियारों के बारे में ही सर्च करता था। उसने छात्र के सीने और पीठ पर 6 बार वार किए, जिससे गहरे जख्म हुए।
नस्लवाद को बनाया 'रक्षा कवच'
अदालत को बताया गया कि विक्रम ने पुलिस के सामने यह झूठ बोला कि हेनरी ने उसे नस्लवादी शब्द (P*ki) कहे थे और उसे जान से मारने की धमकी दी थी। अभियोजन पक्ष ने इसे 'दुष्टता भरा झूठ' करार देते हुए कहा कि यह केवल कानून की नजरों में अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए खेला गया एक 'ट्रम्प कार्ड' था। हकीकत में हेनरी निहत्था था और उसके पास केवल उसका फोन था।

मां पर भी केस, घर में छिपाया कत्ल का हथियार
इस मामले में विक्रम की 53 वर्षीय माँ, किरण कौर पर भी अपराधी की मदद करने का आरोप लगा है। आरोप है कि हत्या के बाद किरण ने खून से सनी उस कृपाण को पुलिस के आने से पहले ही घर में छिपा दिया था। अभियोजक ने कहा कि किरण कौर ने अदालत में गवाही देने से इनकार कर दिया क्योंकि उनके पास अपनी हरकतों का कोई स्पष्टीकरण नहीं है।

सिख धर्म से नहीं, कत्ल से जुड़ा है मामला
हालांकि ब्रिटेन के कानूनों के तहत सिखों को सार्वजनिक रूप से कृपाण रखने की धार्मिक छूट है, लेकिन सरकारी वकील ने जूरी से स्पष्ट कहा, "यह मामला सिख धर्म या नस्लवाद के बारे में नहीं है। यह मामला सीधे तौर पर कत्ल का है"।