'सभ्यता खत्म' करने धमकी की वजह से ईरान वार्ता की मेज पर आया : ट्रंप

Edited By Updated: 12 Apr, 2026 11:08 PM

iran came to the negotiating table due to threat to  end civilization  trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि 'सभ्यता को खत्म करने' की धमकी देने के बाद ईरान वार्ता की मेज पर आया, जो फिलहाल असफल हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश फिर बातचीत की मेज पर लौटेंगे। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के...

नेशनल डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि 'सभ्यता को खत्म करने' की धमकी देने के बाद ईरान वार्ता की मेज पर आया, जो फिलहाल असफल हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश फिर बातचीत की मेज पर लौटेंगे। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'संडे फ्यूचर्स' में कहा, ''मैं आपको बता दूं, उस बयान ने उन्हें बातचीत की मेज पर ला खड़ा किया, और अब वे बातचीत की मेज से उठ चुके हैं। मेरा अनुमान है कि वे वापस आएंगे और हमें वह सब कुछ दे देंगे जो हम चाहते हैं।''

ट्रंप ने सात अप्रैल को धमकी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को नौवहन के लिए नहीं खोला अमेरिकी सेना ईरान की'पूरी सभ्यता' को नष्ट कर देगी , जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल व्यापार होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ' पर एक पोस्ट में कहा था, ''आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो जाएगा, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।''उनकी इस धमकी की पूरी दुनिया में निंदा हुई थी।

ट्रंप ने रविवार को अपनी टिप्पणियों को सही ठहराने की कोशिश करते हुए कहा कि ईरान लगभग हर दूसरे दिन 'डेथ टू अमेरिका' (अमेरिका मुर्दाबाद) के नारे लगाता रहा है। उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा,''जब मैं किसी सभ्यता की बात करता हूं, तो वह सचमुच बदल गई है। सचमुच बदल गई है। लेकिन जरा सोचिए, उन्हें यह कहने की इजाज़त है कि 'अमेरिका मुर्दाबाद, इसका नाश हो, सबका नाश हो।' आप जानते हैं, मैं एक बयान देता हूं, वे कहते हैं,अरे, ऐसा भयानक बयान क्यों?''

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को इस्लामाबाद में ईरानी वार्ताकारों के साथ शांति वार्ता की। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली शांति वार्ता विफल रही, जिसके बाद दो सप्ताह के लिए लागू युद्धविराम के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

दोनों पक्ष वार्ता के विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। वेंस ने जोर देकर कहा कि ईरान परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। समझौते पर न पहुंच पाने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावना धूमिल हो गई है। यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर से शुरू करेगा या नहीं। 

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