Edited By Tanuja,Updated: 08 Apr, 2026 06:40 PM

रॉयटर्स रिपोर्ट के अनुसार, ईरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को सीमित और नियंत्रित तरीके से खोल सकता है। यह कदम अमेरिका के साथ बातचीत से पहले उठाया जा सकता है। हालांकि ईरान ने चेतावनी दी है कि सीजफायर नाजुक है और जरूरत पड़ने पर युद्ध फिर शुरू हो सकता...
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान Strait of Hormuz को सीमित और नियंत्रित तरीके से खोलने पर विचार कर रहा है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि यह कदम गुरुवार या शुक्रवार तक उठाया जा सकता है। यह निर्णय अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में होने वाली अहम बैठक से पहले लिया जा सकता है, ताकि बातचीत के लिए माहौल तैयार हो सके।
अधिकारी के मुताबिक, अगर दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक ढांचा (framework) तय हो जाता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को “सीमित और ईरान के नियंत्रण में” खोला जाएगा। इसका मतलब यह है कि जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं होगी, बल्कि उन्हें ईरान की सेना के साथ समन्वय करके ही गुजरना होगा। यानी हर जहाज को सुरक्षा और अनुमति के लिए ईरानी सैन्य नियंत्रण का पालन करना होगा।
ईरान ने यह भी साफ किया है कि मौजूदा युद्धविराम (ceasefire) अभी भी बेहद नाजुक है। तेहरान ने कहा कि वह स्थायी शांति चाहता है, लेकिन अगर अमेरिका फिर से आक्रामक रुख अपनाता है, तो ईरान भी युद्ध में लौटने से नहीं हिचकेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का अस्थायी युद्धविराम लागू है और दोनों देश कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का आंशिक रूप से खुलना वैश्विक तेल बाजार के लिए राहत जरूर ला सकता है, लेकिन “ईरान के नियंत्रण” की शर्त के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई अनिश्चितताएं भी पैदा हो सकती हैं। ईरान का यह कदम एक ओर शांति की दिशा में पहल है, तो दूसरी ओर रणनीतिक दबाव भी दिखाता है। अब दुनिया की नजर पाकिस्तान में होने वाली बातचीत पर है, जो तय करेगी कि यह संघर्ष खत्म होगा या फिर नया मोड़ लेगा।