Edited By Rahul Singh,Updated: 28 Feb, 2026 02:04 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद अपना पहला बड़ा बयान जारी करते हुए साफ संकेत दिए हैं कि अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। Israel और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच United States की एंट्री ने हालात को और...
Iran-Israel War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बाद अपना पहला बड़ा बयान जारी करते हुए साफ संकेत दिए हैं कि अमेरिका अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। Israel और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच United States की एंट्री ने हालात को और गंभीर बना दिया है। ट्रंप ने ईरान को सरेंडर करने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी एक वीडियो में दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ “बड़ा युद्ध अभियान” शुरू कर दिया है।
ट्रंप ने कहा, ''अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर दिया है और उसका लक्ष्य ईरान की नौसेना को खत्म कर देंगे और उनके मिसाइल ठिकानों को तबाह कर देंगे।'' उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति बनने नहीं देगा। ट्रंप के इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करने या न करने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दे पर चल रही बातचीत में ईरान की स्थिति से वह संतुष्ट नहीं हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान “वह देने को तैयार नहीं है जो अमेरिका चाहता है” और उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
जिनेवा वार्ता में हुई थी प्रगति
इस सप्ताह की शुरुआत में जिनेवा में दोनों देशों के बीच परोक्ष बातचीत हुई थी। दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए डील की दिशा में प्रगति का संकेत दिया था। इसके बावजूद अमेरिका तेहरान पर अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर नई डील स्वीकार करने का दबाव बढ़ा रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “जरूरत पड़ने पर तेज और कठोर कार्रवाई” करने के लिए पूरी तरह तैयार है।