Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Mar, 2026 07:38 PM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौता तभी संभव है, जब वह बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करे। ट्रंप के इस बयान को मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच बेहद...
इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान के साथ किसी तरह की बातचीत या समझौता तभी संभव है, जब वह बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करे। ट्रंप के इस बयान को मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति को गर्मा दिया है।
नए नेतृत्व की जरूरत पर जोर
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान में एक नए और स्वीकार्य नेतृत्व का उभरना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि मौजूदा व्यवस्था देश को गलत दिशा में ले जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि जब ईरान में नया नेतृत्व सामने आएगा, तब अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर वहां स्थिरता और विकास की दिशा में काम कर सकते हैं।
आर्थिक पुनर्निर्माण में मदद का वादा
ट्रंप ने कहा कि यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो अमेरिका और उसके साझेदार देश ईरान को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेंगे। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ईरान को मौजूदा संकट और विनाश की स्थिति से बाहर निकाला जा सकता है और देश को पहले से अधिक मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर ले जाया जा सकता है।
“ईरान को फिर से महान बनाओ” का नारा
अपने संदेश के अंत में ट्रंप ने “मेक ईरान ग्रेट अगेन” यानी MIGA का नारा भी दिया। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ ईरान का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। ट्रंप ने इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए लोगों का धन्यवाद भी किया और संकेत दिया कि आने वाले समय में इस विषय पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।