Edited By Purnima Singh,Updated: 19 Jul, 2026 01:53 PM

ईरान ने दावा किया है कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने देश के भीतर सक्रिय कथित जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इन गिरफ्तारियों का एक वीडियो भी जारी किया है ...
इंटरनेशनल डेस्क : ईरान ने दावा किया है कि उसकी खुफिया एजेंसियों ने देश के भीतर सक्रिय कथित जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ईरानी सरकारी मीडिया ने इन गिरफ्तारियों का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें विदेशी मुद्रा, संचार उपकरण और हिरासत में लिए गए लोगों के कथित कबूलनामे दिखाए गए हैं।
तस्नीम न्यूज़ एजेंसी और मेहर न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के इज़राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद और कुछ पश्चिमी देशों की इंटेलिजेंस एजेंसियों से संबंध थे।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क को संवेदनशील सैन्य ठिकानों की मैपिंग, सुरक्षा चौकियों की गतिविधियों पर नजर रखने और क्षेत्रीय तनाव के बीच विदेशी एजेंसियों को स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाएं भेजने का काम सौंपा गया था।
वीडियो में क्या दिखाया गया?
*छापेमारी के दौरान बरामद अमेरिकी डॉलर के बंडल, जिन्हें अधिकारियों ने विदेशी फंडिंग से जुड़ा बताया।
*एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन डिवाइस, मॉडिफाइड सैटेलाइट उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान।
*हिरासत में लिए गए संदिग्धों के कथित कबूलनामे, जिनमें भर्ती के तरीके और कथित मिशन का जिक्र किया गया है।
हालांकि, जारी किए गए वीडियो और कथित कबूलनामों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौर में तेहरान आंतरिक सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई कर रहा है और संभावित विदेशी घुसपैठ पर कड़ी नजर रखे हुए है।