Edited By Tanuja,Updated: 15 Mar, 2026 01:33 PM

सऊदी अरब ने रियाद और पूर्वी क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन मार गिराए। इस बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इन हमलों से किसी भी संबंध से इनकार किया और सऊदी सरकार से हमलों की असली उत्पत्ति तलाशने को कहा। क्षेत्र में इजरायल-ईरान तनाव के...
International Desk: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने राजधानी रियाद और देश के पूर्वी इलाकों को निशाना बनाने वाले कई ड्रोन को मार गिराया। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार सेना ने 10 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जो रियाद और पूर्वी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे थे। मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई कुछ ही घंटों के भीतर की गई। पहले 2 ड्रोन पूर्वी क्षेत्र में गिराए गए। उससे पहले 7 ड्रोन को भी निष्क्रिय किया गया था। उत्तरी अल-जौफ क्षेत्र के ऊपर भी एक ड्रोन को मार गिराया गया। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि इन घटनाओं से साफ है कि देश के प्रमुख शहरों और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिशें लगातार हो रही हैं।
ईरान की IRGC ने किया इनकार
इन हमलों के तुरंत बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि इन ड्रोन हमलों से ईरान का कोई संबंध नहीं है। IRGC ने कहा “इस हमले का इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान से कोई संबंध नहीं है। सऊदी सरकार को इन हमलों की असली उत्पत्ति का पता लगाना चाहिए।” रिपोर्टों के अनुसार शुक्रवार को सऊदी रक्षा प्रणाली ने कुछ घंटों के भीतर लगभग 50 ड्रोन मार गिराए थे। अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन खतरा सऊदी अरब के लिए असामान्य है।
विशेष चिंता इसलिए भी है क्योंकि तेल प्रतिष्ठान, अमेरिकी दूतावास और रणनीतिक सैन्य ठिकाने संभावित निशाने बन सकते हैं। इसी बीच Israel Defense Forces (IDF) ने दावा किया कि उसने तेहरान में ईरानी सैन्य ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए हैं। इजरायली सेना के अनुसार ये हमले “ईरानी शासन के सैन्य ढांचे” को निशाना बना रहे हैं। साथ ही इजरायल ने लेबनान में भी लितानी नदी पर अल-ज़ररिया पुल पर हमला किया। इजरायल का आरोप है कि इस पुल का इस्तेमाल Hezbollah लड़ाकों को ले जाने के लिए किया जा रहा था।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को “कमजोर किया जा रहा है” और अमेरिका के पास “असीमित हथियार और समय” है। हालांकि अमेरिकी विशेषज्ञों को डर है कि यदि तनाव बढ़ा तो ईरान Strait of Hormuz को बंद करने की कोशिश कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर भारी असर पड़ सकता है।