Edited By Tanuja,Updated: 22 Mar, 2026 01:37 PM

सऊदी अरब ने ईरान पर हवाई हमलों का आरोप लगाते हुए उसके सैन्य अटैची समेत पांच अधिकारियों को देश से निकाल दिया। उन्हें ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया गया। रियाद ने कहा कि वह अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
International Desk: सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सऊदी सरकार ने ईरान पर “खुलेआम हवाई हमलों” का आरोप लगाते हुए कड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में ईरान की कार्रवाई को “स्पष्ट आक्रामकता” बताया। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले न केवल सऊदी अरब बल्कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के अन्य देशों और कई अरब-इस्लामिक राष्ट्रों को भी निशाना बना रहे हैं। सऊदी अरब का कहना है कि ईरान ने उसकी संप्रभुता, नागरिकों, आर्थिक हितों और राजनयिक परिसरों को निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है।
इस बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने ईरानी दूतावास के सैन्य अटैची, सहायक सैन्य अटैची और तीन अन्य अधिकारियों को निष्कासित करते हुए 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। सऊदी सरकार ने यह भी कहा कि ईरान की गतिविधियां बीजिंग समझौता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के खिलाफ हैं। रियाद ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए साफ कहा कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।इस घटनाक्रम से मिडिल ईस्ट में पहले से जारी संकट और गहरा सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।