‘लिविंग नास्त्रेदमस’ का दावा: 2026 की दो भविष्यवाणियां सच, अब आने वाला है तीसरा बड़ा संकट...

Edited By Updated: 03 Aug, 2026 02:18 PM

living nostradamus athos salome 2026 predictions russia nato conflict

Living Nostradamus: ब्राज़ील के 39 वर्षीय रहस्यवादी एथोस सैलोम, जिन्हें 'लिविंग नास्त्रेदमस' कहा जाता है। उनका दावा है कि 2026 के लिए उनके द्वारा की गई उनकी दो बड़ी भविष्यवाणियां पहले ही सच साबित हो चुकी हैं। अब वह दुनिया को तीसरी घटना के लिए तैयार...

Living Nostradamus: ब्राज़ील के 39 वर्षीय रहस्यवादी एथोस सैलोम, जिन्हें 'लिविंग नास्त्रेदमस' कहा जाता है। उनका दावा है कि 2026 के लिए उनके द्वारा की गई उनकी दो बड़ी भविष्यवाणियां पहले ही सच साबित हो चुकी हैं। अब वह दुनिया को तीसरी घटना के लिए तैयार रहने की चेतावनी दे रहे हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सैलोम पहले COVID-19 महामारी और महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की मृत्यु जैसी घटनाओं की कथित भविष्यवाणी को लेकर चर्चा में आए थे। हाल ही में उन्होंने अपनी 2026 की भविष्यवाणियों की समीक्षा करते हुए कहा कि उनकी दो बड़ी बातें सच हो गई हैं।

पहली भविष्यवाणी हुई सच
उनके अनुसार, पहली भविष्यवाणी मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर थी। उन्होंने दावा किया था कि इज़राइल और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद और सैन्य तनाव बढ़ सकता है।

दूसरी भविष्यवाणी भी हुई सच
सैलोम का दूसरा दावा 2026 फीफा विश्व कप को लेकर था। उनका कहना है कि उन्होंने स्पेन की जीत का संकेत पहले ही दे दिया था। उन्होंने अपने पुराने विज़न का हवाला देते हुए कहा था कि विजेता टीम 'आग के रंग' से जुड़ी होगी।  हालांकि आलोचकों का कहना है कि उन्होंने शुरू में कई संभावित देशों की लिस्ट बनाई थी, लेकिन खुद को भविष्य बताने वाले इस व्यक्ति का कहना है कि स्पेन ही उनकी पहली पसंद थी।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Experiencia Paranormal (@paranormal.corp)

वहीं, उन्होंने कहा, "जब दुनिया भर के कई साइकिक और कमेंटेटर पुर्तगाल या दूसरे देशों के ट्रॉफी उठाने की भविष्यवाणी कर रहे थे, मैंने फाइनलिस्ट की पहचान की और बार-बार स्पेन को सबसे संभावित चैंपियन बताया। नतीजे में अब वे भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं।"

उनकी अगली भविष्यवाणी क्या है?
 सैलोम अपनी तीसरी भविष्यवाणी पर खतरे की घंटी बजा रहे हैं। अपनी अगली चेतावनी में सैलोम ने आर्कटिक क्षेत्र को लेकर रूस और NATO के बीच संभावित टकराव की बात कही है। उनका दावा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पिघलती बर्फ नए समुद्री मार्गों और प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच आसान बना रही है,  उन्होंने चेतावनी दी है कि तेजी से पिघलती ध्रुवीय बर्फ कीमती एनर्जी रिज़र्व और ज़रूरी शिपिंग रूट को उजागर कर रही है, जिससे जमी हुई उत्तरी सीमा एक खतरनाक जियोपॉलिटिकल लड़ाई का मैदान बन रही है। इस इलाके में मिलिट्री तैनाती बढ़ने के साथ, सैलोम को डर है कि स्थिति सीधे ग्लोबल लड़ाई में बदल सकती है।

उन्होंने कहा, "सबसे हालिया इंटरसेप्शन से पता चलता है कि रूस आर्कटिक में स्ट्रेटेजिक इलाकों में मिसाइल सिस्टम ले जा रहा है।" इससे 2026 में बर्फ पिघलने के दौरान NATO के साथ सीधे टकराव की संभावना बढ़ जाती है, यह वह समय है जब नए शिपिंग रूट और एनर्जी रिज़र्व अहम भूमिका निभा सकते हैं।"
 
भविष्यवाणियां करने का उनका तरीका
सैलोम ने बताया कि उनके तरीके में सिंबॉलिक एनालिसिस, लंबे समय के पैटर्न का ऑब्ज़र्वेशन और कबला में उनकी स्टडीज़ शामिल हैं। उन्होंने कहा, "मैं उन साइकिल, सिंक्रोनिसिटी और एलिमेंट्स की तलाश करता हूं, जो मेरे अनुभव में, अक्सर बड़ी घटनाओं से पहले होते हैं। इन इंप्रेशन्स को फिर असल दुनिया के डेवलपमेंट्स के साथ तौला जाता है, इससे पहले कि मैं कोई पब्लिक नतीजा शेयर करूं।" सटीकता पर सोचते हुए, उन्होंने माना, मेरा यह भी मानना ​​है कि यह कहना ज़रूरी है कि कोई भी भविष्यवाणी करने का तरीका गलत नहीं होता। भविष्यवाणियां मतलब होती हैं, पक्का नहीं।  वहीं, उनके समर्थक उनके दावों को दिलचस्प मानते हैं, जबकि आलोचक कहते हैं कि कई भविष्यवाणियां अस्पष्ट होती हैं और घटनाओं के बाद उन्हें सही साबित करने की

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!