ब्रिटेन का बड़ा फैसलाः अब किशोरों पर लगेगा नाइट सोशल मीडिया कर्फ्यू, ऑटोप्ले भी होगा बंद

Edited By Updated: 15 Jul, 2026 07:23 PM

midnight social media curfew proposed for uk teens aged 16 and 17

ब्रिटेन सरकार 16-17 वर्ष के किशोरों के लिए स्वैच्छिक रात्रिकालीन सोशल मीडिया कर्फ्यू लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत ऑटोप्ले जैसे फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगे। सरकार का दावा है कि इससे नींद और एकाग्रता में सुधार होगा, जबकि आलोचकों ने इसकी...

London: ब्रिटिश सरकार ने 16 और 17 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए रात के समय स्वैच्छिक सोशल मीडिया कर्फ्यू लागू करने की योजना की बुधवार को घोषणा की। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को ऑनलाइन होने के नुकसान से बचाना है। सरकार ने कहा कि लंबे समय तक उपयोगकर्ताओं को स्क्रीन से जोड़े रखने वाली सुविधाएं, जैसे एक के बाद एक वीडियो अपने-आप चलने (ऑटोप्ले) का विकल्प, भी बड़े किशोरों के लिए अपने आप बंद रहेगा। हालांकि, आलोचकों ने इन उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि किशोर चाहें तो इन 'डिफॉल्ट सेटिंग' को स्वयं बदल सकेंगे। यह प्रस्तावित प्रतिबंध सरकार द्वारा एक महीने पहले 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की योजना की घोषणा के बाद आया है।

 

यह प्रतिबंध अगले वर्ष बसंत से स्नैपचैट, टिकटॉक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे मंचों पर लागू होने की संभावना है, जबकि व्हाट्सऐप और सिग्नल जैसी मैसेजिंग सेवाएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी। प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर सरकार के कार्यकाल के अंतिम चरण में लाई गई इन योजनाओं को लागू करने के लिए कानून बनाना होगा। माना जा रहा है कि उनके संभावित उत्तराधिकारी एंडी बर्नहैम भी इन योजनाओं को आगे बढ़ाएंगे। ब्रिटेन के ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री कनिष्क नारायण ने इस आशंका को खारिज किया कि किशोर स्वैच्छिक रूप से सोशल मीडिया कर्फ्यू को नजर अंदाज करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा मानना किशोरों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में 300 से अधिक किशोरों और उनके अभिभावकों पर किए गए एक हालिया पायलट कार्यक्रम में रात के समय सोशल मीडिया के इस्तेमाल में उल्लेखनीय कमी आई। इसके साथ ही प्रतिभागियों की नींद और एकाग्रता में भी सुधार देखा गया।

 

उन्होंने 'कहा, ''अक्टूबर में कुछ मंचों ने इस तरह की डिफॉल्ट सेटिंग लागू की थीं। 90 प्रतिशत से अधिक किशोरों ने हमें बताया कि उन्होंने इन सेटिंग को बरकरार रखा है। इसलिए उपलब्ध साक्ष्य स्पष्ट हैं और इस पहल का उद्देश्य भी स्पष्ट है।'' ब्रिटेन की प्रमुख बाल अधिकार संस्था 'एनएसपीसीसी' ने कहा कि ये प्रस्ताव युवाओं के सोशल मीडिया अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं, लेकिन अकेले ये पर्याप्त नहीं होंगे। इंग्लैंड की बाल आयुक्त रेचल डी सूजा ने इस पहल को ''सकारात्मक कदम'' बताया। उन्होंने कहा कि युवा सोशल मीडिया का उपयोग कम करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसमें कठिनाई होती है। उन्होंने कहा, ''मैं यह जानना चाहती हूं कि कर्फ्यू जैसी नीतियों को किस तरह लागू किया जाएगा । मैं यह सुनिश्चित करने के लिए इन पर करीबी नजर रखूंगी कि वे प्रभावी साबित हों।''

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!