Edited By Ramkesh,Updated: 19 Jul, 2026 06:58 PM

बिहार के सीतामढ़ी जिले में बागमती नदी में एक नाव ओवरलोड होने के कारण बीच धारा में पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव पर करीब 35 से 40 यात्री सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, मौके पर स्थानीय लोगों और...
नेशनल डेस्क: बिहार के सीतामढ़ी जिले में बागमती नदी में एक नाव ओवरलोड होने के कारण बीच धारा में पलट गई। बताया जा रहा है कि नाव पर करीब 35 से 40 यात्री सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, मौके पर स्थानीय लोगों और प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घटना में सभी को सुरक्षित बाहर निकला लिया गया है।
स्थानीय लोगों की की मदद से यात्री निकाले गए सुरक्षित
मिली जानकारी के मुताबिक घटना बिहार के सीतामढ़ी जिले की है। यहां रुन्नीसैदपुर प्रखंड क्षेत्र में बागमती नदी के खड़का घाट पर यात्रियों से भरी एक नाव नदी में आगे बढ़ने के कुछ ही देर बाद असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की तत्परता से नाव पर सवार करीब 40 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
क्षमता से ज्यादा नाव में सवार थे यात्री
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नाव पर क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि करीब 40 यात्रियों को लेकर नाव खड़का घाट से आगे बढ़ी थी। कुछ ही दूरी पर पहुंचने के बाद नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में पलट गई। अचानक हुए हादसे से यात्रियों में दहशत फैल गई। कई ग्रामीण और तैराक नदी में उतर गए और पानी में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
सुरक्षित और बड़ी नाव की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खड़का घाट पर पर्याप्त क्षमता वाली सुरक्षित नाव उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग रोजाना नाव के सहारे नदी पार करते हैं। ऐसे में ओवरलोडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी भविष्य में किसी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से नावों की नियमित जांच कराने, क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर सख्ती से रोक लगाने और घाट पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।