Edited By Tanuja,Updated: 28 Feb, 2026 07:08 PM

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त “प्रीवेंटीव” सैन्य अभियान शुरू किया। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि मकसद “ईरान को आजाद कराना” है। इजरायल ने सायरन और अलर्ट जारी किए। ईरान ने तेल अवीव व अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। तेहरान में धमाके,...
International Desk: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। मध्य पूर्व में तनाव अब खुले युद्ध की शक्ल ले चुका है। इजरायल ने ईरान के खिलाफ “एहतियाती सैन्य कार्रवाई” शुरू की, जिसे अमेरिका का खुला समर्थन मिला।अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा: “इस ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान के लोगों को आजादी और सुरक्षा दिलाना है। हम एक कट्टर और दमनकारी शासन को रोक रहे हैं।”ट्रंप ने ईरानी सेना से हथियार डालने और जनता से “अपना भविष्य खुद तय करने” की अपील भी की।
इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान के खिलाफ “प्रीवेंटीव अटैक” यानी एहतियाती सैन्य कार्रवाई शुरू की। इजरायल के रक्षा मंत्री ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इस अभियान में अमेरिका ने खुला समर्थन दिया, जिससे यह संयुक्त सैन्य ऑपरेशन बन गया। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर वीडियो जारी कर पुष्टि की कि अमेरिका “major combat operations” चला रहा है। अमेरिकी सेना ने इस अभियान का नाम “Operation Epic Fury” रखा है। ट्रंप ने कहा “हम एक बेहद कट्टर तानाशाही को अमेरिका और हमारे राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा बनने से रोकने के लिए बड़े और जारी सैन्य अभियान को अंजाम दे रहे हैं।”
हमले की पृष्ठभूमि
- ट्रंप कई हफ्तों से ईरान पर नया परमाणु समझौता करने का दबाव बना रहे थे।
- जनवरी में ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हुई सख्त कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने चेतावनी दी थी।
- जून 2025 में भी ट्रंप प्रशासन ने ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
- हमले से पहले अमेरिका ने एक दर्जन से ज्यादा युद्धपोत और विमान मध्य पूर्व की ओर तैनात किए।
इजरायल में सायरन और प्रोएक्टिव अलर्ट
- इजरायली सेना ने पूरे देश में “प्रोएक्टिव अलर्ट” जारी किया।
- सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई।
- संभावित ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से पहले बंकरों को सक्रिय किया गया।
ईरान का पलटवार
- हमले के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की।
- तेल अवीव पर मिसाइलें दागी गईं।
- खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया।
- तेल अवीव में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय दिखे और कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
परमाणु वार्ता पर संकट
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक वार्ताएं जारी थीं। गुरुवार को जिनेवा में तीसरे दौर की बातचीत हुई थी। आज नए दौर की बातचीत प्रस्तावित थी। लेकिन इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने बढ़ते खतरे को देखते हुए इजरायल से गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों को हटाने की अनुमति दी थी।
क्षेत्रीय युद्ध का खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष लंबे समय तक खिंच सकता है। ईरान समर्थित क्षेत्रीय गुट भी सक्रिय हो सकते हैं। तेल बाजार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है। मध्य पूर्व इस समय बेहद संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। आने वाले घंटे और दिन तय करेंगे कि यह सीमित सैन्य कार्रवाई रहेगी या पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेगी।